अनंत सिंह ने अशोक चौधरी को अपने तबेले में ले जाकर दिखाई भैंसें, चाय पर भी चर्चा

बिहार में इसी साल के अंत तक विधानसभा चुनाव होने हैं। बिहार चुनाव को लेकर सियासी हलचल काफी तेज है। कुछ वक्त पहले ही जेल से छूट कर मोकामा के पूर्व विधायक अनंत सिंह ने बीते शनिवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की थी। अनंत सिंह ऐलान कर चुके हैं कि इस बार वो विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। इस बीच अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेहद करीबी माने जाने वाले सरकार के मंत्री अशोक चौधरी और अनंत सिंह के बीच एक दिलचस्प मुलाकात हुई है। नीतीश सरकार के मंत्री अशोक चौधरी पूर्व विधायक से मिलने उनके घर गए थे। यहां अनंत सिंह ने अशोक चौधरी को अपने तबेले में ले जाकर भैंसें दिखाईं। दोनों के बीच चाय पर चर्चा भी हुई है।
इस मुलाकात की कुछ तस्वीरें सामने आई हैं। इन तस्वीरों में नजर आ रहा है कि अनंत सिंह अशोक चौधरी को लेकर अपने तबेले में जाते हैं। इस दौरान तबेले में कुछ अन्य लोग भी मौजूद हैं। तबेले में कई भैंसें भी मौजूद हैं। मंत्री अशोक चौधरी एक भैंस की पीठ पर हाथ सहलाते भी नजर आ रहे हैं। इसके बाद अनंत सिंह भैंस के बछड़े को दिखाने के लिए अशौक चौधरी को ले जाते हैं।

इस दौरान अनंत सिंह अपने तबेले में मौजूद भैसों की नस्ल के बारे में अशोक चौधरी को बता रहे थे। कुछ अन्य तस्वीरें भी सामने आई हैं जिनमें नजर आ रहा है कि अशोक चौधरी अनंत सिंह के घर के अंदर हैं और वो चाय की चुस्की ले रहे हैं। हालांकि, चाय पर अनंत सिंह और अशोक चौधरी के बीच क्या चर्चा हुई? इसे लेकर कोई विशेष जानकारी सामने नहीं आई है। आधिकारिक तौर पर दोनों नेताओं की इस मुलाकात को ‘सौजन्य भेंट’ बतलाया गया है।

अनंत सिंह ने अशोक चौधरी को अपने तबेले में ले जाकर दिखाई भैंसें, चाय पर भी चर्चा#AshokChaudhary #AnantSingh pic.twitter.com/Bubz71zCLT
— Samastipur Town (@samastipurtown) August 12, 2025
इस मुलाकात के बाद अशोक चौधरी ने एक न्यूज वेबसाइट से बातचीत भी की है। इस बातचीत के दौरान अशोक चौधरी ने बताया कि अनंत सिंह उनके पुराने मित्र रहे हैं। उन्होंने बताया कि 1990 में जब हम उनसे एक चुनाव में समर्थन मांगने गए थे तब उन्होंने हमें समर्थन दिया था और उसी समय से हम साथ में जुड़े हुए हैं। हमारे बरबीघा से इनका विधानसभा सीट सटा हुआ है इसलिए इनसे जुड़े लोग भी हमारे साथ रहे हैं। इनसे काफी प्रेम का भाव जुड़ा हुआ है।

मेरा प्रेम है उनसे, एक भाई का रिश्ता है। हम हमेशा भाई के रिश्ते को अपने व्यक्तिगत क्षमता से निभाने की कोशिश करते हैं। अशोक चौधरी ने आगे कहा कि अनंत सिंह के साथ घटना हो गया वो जेल गए थे। जेल से छूट कर आए तो हम मिलने गए थे। नहीं जाते तो वो कहते कि देखो अशोक इतना बड़ा नेता हो गया, हाफ-पैंट पहन कर आता था। इसलिए हम अपना फर्ज निभाए।
बहराहल आपको बता दें कि बिहार चुनाव से पहले अलग-अलग नेताओं के बीच मुलाकात और चुनाव को लेकर चर्चा का दौर जारी है। मोकामा सीट एक हाई-प्रोफाइल सीट माना जाता है। अनंत सिंह इस सीट से निर्विवाद चुनते आ रहे हैं। साल 2022 में मोकामा उपचुनाव में पूर्व विधायक की पत्नी नीलम देवी ने राजद के टिकट पर चुनाव लड़ा था और जीत हासिल की थी।

अशोक चौधरी ने हाल ही में एक इंटरव्यू में बताया था कि 2024 में नीतीश कुमार के एनडीए में लौटने के बाद विश्वासमत परीक्षण के दौरान समर्थन के लिए राजद विधायक नीलम देवी से उन्होंने ही बात की थी। नीलम देवी तब से कागज पर तो राजद विधायक हैं लेकिन जेडीयू के साथ हैं। अनंत सिंह ने जेल से निकलने के बाद कहा है कि नीलम देवी अब विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगी और वो फिर से खुद ही मोकामा सीट से लडे़ंगे।



