अरवल विधायक महानंद सिंह को कोर्ट ने भेजा जेल, दीपांकर भट्टाचार्य से जुड़ा 24 साल पुराना केस

बड़ी खबर बिहार के जहानाबाद से है जहां अरवल के भाकपा माले के विधायक महानंद सिंह को जहानाबाद व्यवहार न्यायालय स्थित एसडीजेएम मनीष कुमार की अदालत ने न्यायिक हिरासत में मंडल कारा काको भेज दिया। वे एक 24 साल पुराने मामले में अदालत में सोमवार को उपस्थित हुए थे। कोर्ट द्वारा विधायक को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने का आदेश देने के बाद अदालत परिसर में खलबली मच गई। उनकी विधायकी पर भी तलवार लटकती दिख रही है।
तत्काल पुलिस ने उन्हें अपनी कस्टडी में ले लिया। पुलिस टीम विधायक को लेकर सदर अस्पताल पहुंची, जहां उनका नियमानुकूल कोरोना जांच कराया गया। जांच के बाद उन्हें मंडल कारा भेज दिया गया। मिली जानकारी के अनुसार विधायक को अदालत ने भगोड़ा घोषित कर रखा था उनके खिलाफ कोर्ट द्वारा लाल वारंट निर्गत किया गया था। बताया गया है कि जहानाबाद थाना कांड संख्या 67/ 2001 मे वे नामजद आरोपी बनाए गए थे।

पार्टी के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य की गिरफ्तारी के विरोध में भाकपा माले ने पूरे बिहार में चक्का जाम का आह्वान किया था। इसी आह्वान के क्रम में महानंद सिंह जहानाबाद में रोड जाम में शामिल थे। 2001 में ही पुलिस ने उनके खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। लेकिन, तब से वे अदालत का सामना नहीं किये। डेट पर उपस्थित नहीं होने के कारण उन्हें भगोड़ा घोषित कर दिया गया था।

इस मामले की अगली सुनवाई अदालत में बुधवार को होनी है। विधायक की ओर से अगले डेट पर बेल पेटिशन फाइल किया जा सकता है। कोर्ट की ओर से बेल नहीं दिए जाने पर उन्हें जेल में ही रहना पड़ेगा। किसी यह इसका अंदाजा भी नहीं था कि कोर्ट का रुख इतना सख्त होगा। नेता को जेल भेजे जाने के उनके समर्थकों और कार्यकर्ताओं में मायूसी छा गयी। हालांकि विधायक ने इसे कानूनी प्रक्रिया बताकर सांत्वना दी।





