ये चिरकूट BJP वाले.., मौलाना का मतलब समझा कर तेजस्वी यादव ने दिया जवाब

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बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election) से पहले जुबानी जंग तेज है। भारतीय जनता पार्टी के तेज-तर्रार प्रवक्ता माने जाने वाले गौरभ भाटिया ने बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को ‘मौलाना’ कह दिया है। दरअसल हाल ही में तेजस्वी यादव ने पटना में वक्फ बिल के खिलाफ मुस्लिम संगठनों की एक रैली में हिस्सा लिया था और कहा था कि अगर उनकी सरकार बनी तो इस बिल को कूड़े में फेंक दिया जाएगा। इसके बाद बीजेपी प्रवक्ता ने तेजस्वी यादव पर निशाना साधा था। अब राजद नेता तेजस्वी यादव ने इसका जवाब दिया है और मौलाना का मतलब भी बताया है।
तेजस्वी यादव ने मंगलवार को पटना के बापू सभागार में अब्दुल कय्याम अंसारी की 120वीं जयंती के मौके पर अपने संबोधन में कहा कि जब हम प्रेम, मोहब्बत, भाईचारे और मुद्दे की बात करते हैं तो सांप्रदायिक शक्तियां और सांप्रदायिक लोग हमप आक्रमण करते हैं। वक्फ के खिलाफ गांधी मैदान में जो जुटान हुआ उसके बाद से लगातार दिल्ली में ये बीजेपी के चिरकूट सब, ये संघी वाले दो दिन से हमको गाली दे रहे हैं। कभी नमाजवादी कह रहे हैं, कभी मौलाना कह रहे हैं। कुछ ना कुछ कह रहे हैं।

तेजस्वी यादव ने आगे कहा कि मुद्दे की बात वो नहीं करेंगे, मुर्दों की बात करेंगे। काम की बात नहीं करेंगे, बेकार की बात करेंगे। देश को जोड़ने की नहीं बल्कि देश को तोड़ने की बात करेंगे। ये संविधान को खत्म करने वाले लोग हैं। ये चाहते हैं देश की संविधान खत्म हो जाए। ये लोग नफरत फैला रहे हैं। ये लोग इतना नफरत फैला रहे हैं कि अगर ये सत्ता से चले भी जाएं तो पता नहीं इस नफरत को सरजमीं से खत्म करने में कितना समय मिलेगा।
तेजस्वी यादव ने कहा कि वो लोग जो हमको मौलाना बोल रहे हैं तो मौलाना का मतलब तो विद्धान ना होता है। हमलोग मुद्दे की बात करते हैं। हमलोग भाजपा को अपने मुद्दे पर लाएंगे। बेरोजगारी, गरीबी, पलायन हमलोग इसकी बात करेंगे। जो भी इस भारत का नागरिक है हमलोग उसकी हिफाजत करेंगे।

क्या बोले BJP प्रवक्ता गौरव भाटिया
आपको बता दें कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने वक्फ (संशोधन) अधिनियम पर टिप्पणी को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव को मंगलवार को ‘मौलाना’ करार दिया तथा उनपर इस साल के अंत में होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव में विपक्षी महागठबंधन की ‘आसन्न’ हार को भांपकर सांप्रदायिक आधार पर समाज का ध्रुवीकरण करने का आरोप लगाया। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने आरोप लगाया कि विपक्षी गठबंधन केवल एक विशेष समुदाय के सशक्तीकरण के वास्ते शरिया कानून लाने के लिए सत्ता हासिल करना चाहता है, जबकि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) समाज के सभी वर्गों की प्रगति के लिए काम करता है।

गौरव भाटिया ने कहा, ‘ये ‘नमाजवादी’ बाबासाहेब आंबेडकर का संविधान नहीं चाहते हैं। वे संविधान का सम्मान नहीं करते हैं। वे केवल शरिया कानून चाहते हैं…वे केवल एक विशेष धर्म का सशक्तीकरण चाहते हैं।’ उन्होंने कहा, ‘शरिया कानून चाहने वाले नमाजवादियों के लिए भारत में कोई जगह नहीं है। वे पाकिस्तान जा सकते हैं।’तेजस्वी यादव पर मुस्लिम मतों के लिए सांप्रदायिक राजनीति करने का आरोप लगाते हुए गौरव भाटिया ने कहा कि जो लोग बाबा साहब के संविधान और संसद द्वारा पारित कानून को कूड़ेदान में डालने की बात कर रहे हैं, बिहार की जनता उनकी सांप्रदायिक राजनीति को कूड़ेदान में डाल देगी।




