पटना नगर निगम में भारी हंगामा, पार्षदों ने एक दूसरे का कुर्ता फाड़ा; हाथापाई और गाली-गलौज की गूंज से शर्मसार हुआ सदन

पटना नगर निगम की साधारण बैठक में उस समय बवाल मच गया, जब मेयर की ओर से एजेंडा पास किए जाने पर निगम आयुक्त ने कड़ा ऐतराज जताया। बैठक में मेयर, उप मेयर, पार्षदों और निगम आयुक्त समेत सभी प्रमुख अधिकारी मौजूद थे। जैसे ही मेयर ने एजेंडा पास करने की घोषणा की, निगम आयुक्त ने इसका विरोध करते हुए बैठक का बहिष्कार कर दिया। आयुक्त ने आरोप लगाया कि यह एजेंडा निजी एजेंसियों को लाभ पहुंचाने के लिए नियमों के विरुद्ध पास किया जा रहा है।
पार्षदों के बीच हाथापाई और गाली-गलौज
आयुक्त के बैठक छोड़ने के बाद स्थिति और बिगड़ गई। मेयर गुट के पार्षदों और विरोधी गुट के बीच जमकर हाथापाई और गाली-गलौज हुई। यह घटना नगर निगम की कार्यवाही की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली थी।

स्थायी समिति के सदस्य संजीत कुमार ने इस घटना पर रोष जताते हुए निगम आयुक्त पर ‘तानाशाह’ की तरह काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब एजेंडा सर्वसम्मति से निगम और स्थायी समिति से पास हो गया था, तो आयुक्त को इसका विरोध करने का कोई अधिकार नहीं था। पार्षदों का आरोप था कि आयुक्त नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं।

आयुक्त के बहिष्कार के बावजूद एजेंडा पास
निगम आयुक्त के बहिष्कार के बाद भी, पार्षदों ने सभी एजेंडों को पास कर दिया। हालांकि, बैठक के बाद भी पार्षदों ने निगम आयुक्त के खिलाफ जमकर हंगामा किया। इस घटना ने पटना नगर निगम के भीतर चल रही अंदरूनी कलह और प्रशासनिक अड़चनों को उजागर कर दिया है। यह देखना बाकी है कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है और निगम के कामकाज पर इसका क्या असर पड़ता है।




