मतदाता सूची पुनरीक्षण में लगे कर्मियों का ना करें तबादला, बिहार के मुख्य सचिव का DM को आदेश

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बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election) के मद्देनजर चुनाव आयोग के निर्देश पर जारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़े कर्मियों के तबादले पर रोक लगा दी गई है। बिहार के मुख्य सचिव अमृतलाल मीणा ने इस संबंध में सभी प्रमंडलीय आयुक्त एवं जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किया है।
बिहार के मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा ने निर्देश में कहा है कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित यह कार्यक्रम राष्ट्रीय महत्व का है, जो सर्वप्रथम बिहार में क्रियान्वित किया जाना है। सभी जिला पदाधिकारियों का दायित्व है कि इस कार्यक्रम में उनके जिला से संबंधित जो भी पदाधिकारी एवं कर्मी शामिल हैं, उनकी शत-प्रतिशत उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

किसी भी स्तर पर कोई कमी नहीं हो। मुख्य सचिव के निर्देश के अनुसार, निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी, सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी के साथ ही बीएलओ सुपरवाइजर और बीएलओ की इसमें महत्वपूर्ण भूमिका है। बीएलओ सुपरवाइजर एवं बीएलओ के रूप में शिक्षक, विकास मित्र, आंगनबाड़ी सेविका, कचहरी सचिव, पंचायत सचिव, टोला सेवक कार्यरत हैं।

मुख्य सचिव ने कहा कि मतदाता सूची से संबंधित कार्यों में शामिल इन कर्मियों के साथ अन्य कर्मियों का तबादला नहीं किया जाए। साथ ही, उन्होंने निर्देश दिया कि इनके विभागीय कार्यो के लिए समुचित वैकल्पिक व्यवस्था कर ली जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि भारत निर्वाचन आयोग के द्वारा बिहार के लिए घोषित विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम, 2025 को सफल बनाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए।





