बच्चे देख रहे हैं, क्या सोचेंगे; स्पीकर नंदकिशोर यादव ने विपक्षी विधायकों को क्यों दी नसीहत

बिहार विधानसभा के मानसून सत्र का अंतिम दिन हंगामे की भेंट चढ़ गया। काले कपड़े में सदन में पहुंचे विपक्षी सदस्यों ने एसआईआर और तेजस्वी यादव के साथ गलत व्यवहार का आरोप लगाते हुए जमकर शोर मचाया। अंतिम दिन के फर्स्ट हाफ में विधानसभा पांच मिनट तो विधान परिषद मात्र 10 मिनट ही चल पाई। दोनों सदनों को लंच तक के लिए स्थगित कर दिया गया। इससे पहले हंगामा कर रहे विपक्षी विधायकों को सीएम नीतीश कुमार ने हड़काया तो स्पीकर नंदकिशोर यादव ने आचरण बदलने की नसीहत दी।
बिहार विधान सभा की कार्यवाही देखने पहुंचे विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थी। pic.twitter.com/GT9avJ0TUg
— Samastipur Town (@samastipurtown) July 25, 2025
अंतिम दिन विपक्षी सदस्य हंगामे का मूड बनाकर ही आए थे। विधानसभा परिसर में पहले प्रदर्शन किया और समय से सदन की कार्यवाही में भाग लेने पहुंचे। लेकि कार्यवाही शुरू होते ही शोर मचाना शुरू कर दिया। स्पीकर नंदकिशोर यादव ने समझाने की कोशिश की पर प्रदर्शन जारी रखा। सदन में टेबल को उलटने की भी कोशिश विपक्षी विधायकों की ओर से की गई। इसे देखते हुए स्पीकर ने उन्हें समझाया कि बच्चे देख रहे हैं।

स्पीकर ने कहा कि प्रश्नकाल होने दीजिए। यह आपका ही समय है। आज अंतिम दिन है। ऐसा काम मत कीजिए। सब लोग देख रहे हैं। स्कूल के बच्चे भी सदन की कार्यवाही देखने आए हैं। वे भी देख रहे हैं। वे क्या सोंचेगें, क्या कहेंगे, जरा इस पर भी विचार कीजिए। इतना कहने के बाद भी विपक्षी सदस्य शांत नहीं हुए। हालात को देखते हुए स्पीकर ने दोपहर दो बजे तक सदन की कार्यवाही स्थगित कर दिया।
इससे पहले सीएम नीतीश कुमार भी विपक्ष पर बरसे। काला कपड़ा पहन कर आने पर कहा कि रोज रोज यही क्यों पहनते हैं। ऐसा कभी पहने थे। सभी दलों के सदस्य एक ही तरह का कपड़ा पहने हैं। खाली उल्टा-पुल्टा करते हैं। कोई काम नहीं है। सरकार ने कितना काम किया है। इसका फायदा आप लोग भी उठा रहे हैं।






