Bihar

बिहार में विशेष मतदाता पुनरीक्षण के खिलाफ आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, 9 दलों ने दी है चुनौती

बिहार विधानसभा चुनाव से पहले वोटर लिस्ट के के विशेष गहन पुनरीक्षण (Supreme Court Hearing On Bihar Voter List) का मामला गरमाया हुआ है. कांग्रेस का दावा है कि चुनाव आयोग बिहार में वोटर लिस्ट की जांच कर रहा है. लोगों से कागज दिखाने को कहा गया है, लेकिन इसमें आधार कार्ड और वोटर आईडी शामिल नहीं हैं. इसी तरह अन्य दलों ने भी आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. याचिकाओं में कहा गया है कि चुनाव आयोग का यह फैसला मनमाना है और इसके चलते बिहार के लाखों मतदाताओं का मतदान का अधिकार छिन जाएगा. चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ विपक्ष और अन्य लोगों की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को सुनवाई होनी है. न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची इस मामले पर सुनवाई करेंगे.

दोनों पक्षों की क्‍या हैं दलीलें?

बिहार वोटर लिस्‍ट पुनरीक्षण के विरोध और इसके पक्ष में तमामा दलीलें दी गई हैं. विपक्ष समेत अन्य कुछ लोग चुनाव आयोग के फैसेल के विरोध में हैं, जबकि वकील अश्विनी उपाध्याय ने इसके समर्थन में अलग से एक याचिका अदालत में दाखिल की है.

बिहार वोटर लिस्‍ट पुनरीक्षण: विरोध में क्या कहा गया?

सामाजिक कार्यकर्ताओं- अरशद अजमल और रूपेश कुमार ने इसे लेकर नई याचिका अदालत में दायर की है, जिसमें राज्य मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के निर्वाचन आयोग के फैसले को चुनौती दी गई है. याचिका में कहा गया है कि यह प्रक्रिया जन्म, निवास और नागरिकता से संबंधित मनमानी, अनुचित और असंगत दस्तावेजीकरण आवश्यकताओं को लागू करके स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव और प्रतिनिधि लोकतंत्र के सिद्धांतों को कमजोर करती है, जो संविधान की मूल संरचना के अभिन्न अंग हैं.

बिहार वोटर लिस्‍ट पुनरीक्षण: समर्थन में क्या कहा गया?

वकील अश्विनी उपाध्याय ने चुनाव आयोग के कदम का समर्थन करते हुए एक अलग याचिका दायर की है, जिसमें आयोग को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का निर्देश देने का अनुरोध किया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि केवल भारतीय नागरिक ही राजनीति और नीति तय करें, न कि अवैध विदेशी घुसपैठिए. उन्होंने कहा कि आजादी के बाद बड़े पैमाने पर अवैध घुसपैठ, धोखेबाजी से धर्मांतरण और जनसंख्या विस्फोट की वजह से 200 जिलों और 1,500 तहसीलों की जनसांख्यिकी बदल गई है.

इस मामले पर कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “कांग्रेस ने 9 अन्य विपक्षी दलों के साथ मिलकर चुनाव आयोग के ‘त्रुटिपूर्ण और विनाशकारी’ विशेष गहन पुनरीक्षण को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी. यह एक ऐसा अभ्यास है, जिसकी दुर्भावनापूर्ण और मनमानी प्रक्रिया की वजह से भारी संख्या में मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने की पूरी आशंका है. पूरा विपक्ष इस जनविरोधी कवायद के खिलाफ एकजुट होकर खड़ा है. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को सुनवाई के लिए 10 जुलाई को सूचीबद्ध किया है, सत्यमेव जयते”.

Avinash Roy

Recent Posts

ग्रामीण चिकित्सक प्रशिक्षण शिविर में डॉ. मनोज का मार्गदर्शन

समस्तीपुर/उजियारपुर : उजियारपुर प्रखंड अंतर्गत चैता चौक पर एकदिवसीय ग्रामीण चिकित्सक प्रशिक्षण शिविर का आयोजन…

3 घंटे ago

मुख्यमंत्री के समृद्धि यात्रा के दौरान छात्र संगठन AISA ने जुलूस-प्रदर्शन कर सौंपा स्मार-पत्र

समस्तीपुर : मुख्यमंत्री के समृद्धि यात्रा के दौरान छात्र संगठन आइसा कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकाला।…

3 घंटे ago

समस्तीपुर में CM नीतीश की यात्रा को लेकर चाक-चौबंद रही सुरक्षा व्यवस्था, कार्यक्रम स्थल पर बनाया गया था अस्थायी थाना

समस्तीपुर : समस्तीपुर जिले में सीएम की समृद्धि यात्रा कई मायनों में यादगार रही। खासकर…

14 घंटे ago

हकीमाबाद में निर्माणाधीन पुल को अगस्त तक शुरू करने और पटेल मैदान में नये स्टेडियम निर्माण को लेकर DPR तैयार करने का CM ने दिया निर्देश

समस्तीपुर : हाउसिंग बोर्ड मैदान में अधिकारियों के साथ सीएम नीतीश कुमार ने समीक्षा बैठक…

15 घंटे ago

समस्तीपुर में CM नीतीश बोले- “केंद्र सरकार के सहयोग से बिहार में विकास को नई गति मिल रही”

समस्तीपुर : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने समृद्धि यात्रा के दौरान गुरुवार को समस्तीपुर जिले को…

16 घंटे ago

सहकारिता विभाग के अपर सचिव पहुंचे समस्तीपुर जिला केंद्रीय सहकारी बैंक, कार्यों की प्रगति कि समीक्षा की

समस्तीपुर : सहकारिता विभाग के अपर सचिव अभय कुमार सिंह ने गुरुवार को जिला केंद्रीय…

16 घंटे ago