Bihar

स्वास्थ्य मंत्री के आवास को कांग्रेसियों ने घेरा, गोबर फेंका, पोस्टर पर कालिख भी पोत दी; जानिए मामला

मुजफ्फरपुर की दुष्कर्म पीड़िता बच्ची की मौत के मामले में विपक्ष का बवाल बढ़ता ही जा रहा है। कांग्रेस इस मामले को मुद्दा बनाकर नीतीश सरकार पर लगातार हमला बोल रही है। पटना में फिर से कांग्रेसियों ने आज प्रदर्शन किया। बुधवार को सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय के आवास का घेराव करने पहुंचे। यहां पहुंचे कर कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने स्वास्थ्य मंत्री और एनडीए सरकार के विरोध में जमकर नारेबाजी की। इतना ही नहीं स्वास्थ्य मंत्री के आवास के गेट पर लगे नेम प्लेट पर गोबर फेंका और उनकी तस्वीर पर कालिख पोत दी। इसके बाद कांग्रेसियों ने कहा कि सही समय पर इलाज न मिलने के कारण एक नाबालिक बच्ची की मौत हो गई। वह अस्पताल में ही तड़पती रही लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने लापरवाही बरती। इस कारण बच्ची की मौत हो गई।

सरकार की लापरवाही के कारण ऐसा हुआ

कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी करते हुए स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय पर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की। साथ ही कहा कि एक मासूम की हत्या हुई है। इसके लिए उनका विभाग दोषी है। इसलिए फौरन वह अपना इस्तीफा दें। इधर, कांग्रेस के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस टीम पहुंची और कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को पीछे हटाने में जुट गई। हालांकि कांग्रेस नेताओं ने पुलिसकर्मियों की एक न सुनी और हंगामा करते ही रहे। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सरकार की लापरवाही के कारण ऐसा हुआ है।

बच्ची इलाज के लिए इधर-उधर भटकती रही

कांग्रेस का आरोप है कि छह दिन तक वह बच्ची इलाज के लिए इधर-उधर भटकती रही। कभी उसे एसकेएमसीएच से पीएमसीएच भेजा गया, तो कभी पीएमसीएच से एम्स, इस दौरान बच्ची को कई घंटे एंबुलेंस में रहना पड़ा। एंबुलेंस में ऑक्सीजन की कमी थी, और जिस एंबुलेंस में बच्ची थी, वह नॉन-एसी थी। अंततः उस बच्ची ने सूबे के बड़े अस्पताल में बेड तक न मिलने और सही समय पर इलाज न होने के कारण एंबुलेंस में ही दम तोड़ दिया। इन सब के लिए स्वास्थ्य विभाग की लचर व्यवस्था दोषी है।

दो-दो बड़े अस्पताल प्रबंधन की गलती मानी

मुजफ्फरपुर में दुष्कर्म पीड़िता बच्ची की मौत मामले में नीतीश सरकार ने दो-दो बड़े अस्पताल प्रबंधन की गलती मानी है। स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच के बाद पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल के प्रभारी उपाधीक्षक और श्री कृष्ण मेडिकल कॉलेज अस्पताल, मुजफ्फरपुर की अधीक्षक को हटा दिया गया है। दोनों पर अपने काम में लापरवाही बरतने का आरोप है। स्वास्थ्य विभाग की विशेष कार्य पदाधिकारी रेणु कुमारी की ओर से अधिसूचना भी जारी कर दी गई है।

Avinash Roy

Recent Posts

RNAR काॅलेज के पास पुलिस को देखते ही बाइक छोड़कर भागे बदमाश, लोडेड कट्टा बरामद

समस्तीपुर : मुफस्सिल थाना क्षेत्र के आरएनआर कॉलेज के समीप पुलिस ने गश्ती के दौरान…

11 घंटे ago

बड़ी खबर : समस्तीपुर में ATM तोड़कर 18 लाख रुपये उड़ाए, CCTV का DVR भी ले गए बदमाश, SP ने क्या कुछ कहा !

समस्तीपुर : समस्तीपुर जिले के हलई थाना क्षेत्र के चकलालशाही चौक पर थाना के पुराने…

11 घंटे ago

समस्तीपुर में दशहरा से पहले पुलिस के हत्थे चढ़ा कुख्यात ‘रावण’, पांच जिलों में 15 से अधिक केस

समस्तीपुर : दशहरा के मौके पर रावण दहन से पहले समस्तीपुर पुलिस ने एक ऐसे…

12 घंटे ago

बिहार टेंडर घोटाले में असली सूत्रधार कौन? हाईकोर्ट ने ED-SVU से मांगा जवाब, 6 बड़े अफसरों की भूमिका पर सवाल

बिहार में सरकारी टेंडरों में कथित हेराफेरी और करोड़ों रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग के मामले…

22 घंटे ago

दलसिंहसराय में नाबालिग छात्रा से जबरदस्ती की कोशिश, एक हफ्ते से FIR के लिए भटक रहा पीड़ित परिवार; पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप

समस्तीपुर : समस्तीपुर जिले के दलसिंहसराय थाना क्षेत्र में 9वीं क्लास की एक छात्रा से…

1 दिन ago