अपने प्रेमी के प्यार में पागल थी BPSC टीचर! मासूम बेटे ने रोका तो मारकर डेडबॉडी को जला डाला

बीपीएससी टीचर की लव स्टोरी इतनी खतरनाक निकली कि उसका बेटा ही उसकी भेंट चढ़ गया. अपनी मां के जीवन में एक मजनूं की एंट्री का वह अकसर विरोध करता रहता था. उसे बिल्कुल पसंद नहीं था कि उसकी मां अपने पति को छोड़कर एक पराये मर्द के साथ रहे. बेटे का यही विरोध बीपीएससी टीचर की हवस के रास्ते में आड़े आ रहा था. आखिरकार बीपीएससी टीचर ने अपनी लव स्टोरी के बीच के रोड़े को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने की ठान ली. एक दिन बेटे ने अपनी मां की हरकतों का विरोध किया तो बीपीएससी टीचर आपे से बाहर हो गई और उसने अपने ही खून यानी बेटे को मार डाला. इसके दोनों वह अपने प्रेमी के साथ मिलकर शव को ठिकाने भी लगा आई. 15 जून को पुलिस को बख्तियारपुर मोकामा फोरलेन पर डेड बॉडी मिली और छानबीन के बाद बीपीएससी टीचर को गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस ने इस मामले का राजफाश भी कर दिया है.
पुलिस का कहना है कि नाबालिग लड़के की मां रोमा कुमारी ने प्रेमी निर्मल पासवान के साथ मिलकर अपने बेटे की हत्या की थी. हत्या करने के बाद दोनों ने मिलकर डेडबॉडी को पेट्रोल से जलाकर बेढ़ना गांव में कोनहर पुल के पास फोरलेन के किनारे झाड़ियां में फेंक दिया था. बताया जा रहा है कि लड़की हत्या उसकी ही मां ने अवैध संबंध में आड़े आने के चलते कर दिया था.

पुलिस के अनुसार, रोमा कुमारी बीपीएससी शिक्षिका है. वह अररिया तो उसका प्रेमी निर्मल पासवान सहरसा जिला का रहनेवाला है. निर्मल प्राइमरी टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज में प्रधानाध्यापक है. उसकी अभी रोहतास में पोस्टिंग थी. ट्रेनिंग के दौरान ही रोमा की मुलाकात निर्मल से हुई थी. रोमा का पहले से पति प्रमोद कुमार गुप्ता से विवाद चल रहा था.

पुलिस का कहना है कि रोमा ट्रेनिंग के दौरान ही निर्मल के संपर्क में आई और दोनों का प्यार परवान चढ़ने लगा. रोमा अक्सर अपने प्रेमी से मिलने रोहतास जाती थी. उसके दोनों बच्चों को मां की लव स्टोरी के बारे में जानकारी थी और वह नहीं चाहते थे कि उनकी मां रोमा अपने प्रेमी के घर जाए. 14 जून को रोमा कुमारी के बेटे ने अपनी मां के सामने विरोध दर्ज कराया था. उसके बाद रोमा ने बेटे की बेरहमी से पिटाई की थी, जिससे उसकी मौत हो गई.

इसके बाद आरोप है कि रोमा और निर्मल ने लड़के की डेडबॉडी डंप करने का प्लान बनाया. डेड बॉडी को गाड़ी में डालकर रोहतास से दोनों निकले और बाढ़ में कोनहर पुल के किनारे झाड़ियां में फोरलेन पर फेंककर भाग गए. इसके बाद डेड बॉडी पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी थी. बाढ़ थाने की पुलिस ने देर रात गाड़ी पर बिहार सरकार का बोर्ड लगा होने पर रोका थी.

पुलिस को गाड़ी में कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली, लेकिन पुलिस ने उनका फोटो और आईकार्ड ले लिया था. इसके बाद गश्ती दल से मिली लीड के आधार पर मां रोमा कुमारी को गिरफ्तार कर लिया गया. गश्ती दल में शामिल सभी पुलिस के जवानों को ग्रामीण एसपी विक्रम सिहाग ने 10,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी है.


