वोटर वेरिफिकेशन पर विवाद पर चिराग पासवान बोले- महागठबंधन ने पहले ही हार मान ली

चुनाव आयोग की ओर से गहन मतदाता पुनरीक्षण पर जारी सियासत को लेकर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा है कि महगठबंधन ने पहले ही हार मान ली है। इसी वजह से हर काम को साजिश की नजर से देखते हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग सुनिश्चित करना चाहता है कि एक भी फर्जी वोटर नहीं रहे। तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए चिराग ने कहा कि बिहार के लोग फिर से जंगलराज नहीं आने देंगे।
जय भीम महासम्मेलन में शामिल होने राजगीर जाने से पहले चिराग पासवान ने पटना में पत्रकारों से बात की। उन्होंने कहा कि विपक्ष के दलों को किसी भी व्यवस्था या संस्थान पर भरोसा नहीं रहा। वोटर वेरिफिकेशन एक सामान्य प्रक्रिया है। इसमें कोई फर्जीवाड़ा नहीं होता। लेकिन विपक्ष को इसमें वोटर से साथ साजिश करने का आरोप लगा रहे है। उन्होंने कहा कि विपक्ष देश को अराजकता की ओर ले जा रहा है। पासवान ने कहा कि यह एक नियमित प्रक्रिया है। समय-समय पर इसे अपनाया जाता है। विपक्ष इस पर राजनीति कर रहा है।

तेजस्वी यादव के सीएम कैंडिडेट वाले सवाल पर चिराग पासवान ने कहा कि जनता तय करती है कि सीएम कौन बनेगा। बिहार की जनता फिर से जंगलराज लाने नहीं जा रही है। तेजस्वी यादव अपने से जो चाहें बन जाएं। हालांकि, महागठबंधन का सीएम उम्मीदवार कौन होगा यह उनका आंतरिक मामला है। उन्होंने कहा कि 1990 का वो दशक जब राजद और लालू परिवार ने बिहार को बर्बाद किया। वो यादें हर बिहारी के जेहन में हैं, जिन्होंने उस प्रताड़ना को झेला है। 2005 के बाद जन्मे युवाओं को उस समय की स्थिति के बारे में बताने की जरूरत है। पासवान ने कहा कि राजद ने बिहार के लोगों को पलायन के लिए मजबूर किया।

बताते चलें कि तेजस्वी यादव समेत महागठबंधन के सभी दलों के नेताओं ने चुनाव आयोग के वोटर वेरिफिकेशन अभियान पर सवाल उठाया है। तेजस्वी यादव ने कहा कि यह महागठबंधन के वोटरों को मतदान के अधिकार से वंचित करने की साजिश है। 25 दिनों में 8 करोड़ वोटरों के घर जाकर यह काम कैसे होगा। बड़ी बात यह कि कितने लोगों के पास उनके माता, पिता का बर्थ सर्टिफिकेट उपलब्ध है।




