Bihar

20 लाख में लोको पायलट परीक्षा पास कराने की डील, 2 करोड़ की उगाही का था टारगेट; दो सेटर हुए गिरफ्तार

पटना और पूर्णिया पुलिस ने गर्दनीबाग स्थित स्वामी अय्यप्पन ऑनलाइन परीक्षा केंद्र पर छापेमारी कर दो परीक्षा माफियाओं को गिरफ्तार किया है। लोको पायलट परीक्षा में इन माफियाओं ने सेटिंग की थी।

गिरफ्तार आरोपियों में नालंदा जिले के रहुई निवासी रौशन कुमार उर्फ रौशन मुखिया और नूरसराय निवासी राहुल राज हैं। गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में खुलासा किया कि उन्होंने 10 अभ्यर्थियों से परीक्षा पास कराने के लिए 20-20 लाख रुपए में डील की थी। 2 करोड़ रुपए की उगाही की जानी थी।

रोशन कुमार SSC MTS एग्जाम में फर्जीवाड़ा करने के आरोपी वो 4 महीने से फरार चल रहा था। रोशन और राहुल मिलकर ऑनलाइन एग्जाम सेंटर चला रहे थे और सहरसा में नया एग्जाम सेंटर खोलने की भी प्लानिंग थी।

पुलिस ने बताया कि, जांच के दौरान पता चला कि स्वामी अय्यप्पन एजु सॉल्यूशन एग्जाम सेंटर के मालिक रोशन मुखिया, कटिहार के जदयू नेता रोशन मंडल और वैशाली के विवेक हैं।

बिहार के अलग-अलग जिलों में चला रहे थे ऑनलाइन एग्जाम सेंटर

पुलिस की पूछताछ में रौशन और राहुल ने खुलासा किया है कि पूर्णिया स्थित ऑनलाइन एग्जाम सेंटर पर रेड पड़ने के बाद भी वे बिहार के अलग-अलग हिस्सों में ऑनलाइन एग्जाम सेंटर चला रहे थे। पटना में जिस सेंटर से इनकी गिरफ्तारी हुई, वहां से कई अहम दस्तावेज बरामद हुए हैं।

इनमें से कुछ कागजात उन स्टूडेंट्स के हैं, जिन्होंने रेलवे के एग्जाम के लिए सेटिंग करा रखी थी। रौशन और राहुल ने तीन और पार्टनर के नाम बताए हैं। उनकी भी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।

पूर्णिया डिजिटल ऑनलाइन एग्जाम सेंटर से जुड़ा है मामला

मामला पूर्णिया के सदर थाना क्षेत्र के गुलाबबाग के हसदा रोड जीरो माइल स्थित ‘पूर्णिया डिजिटल ऑनलाइन एग्जामिनेशन सेंटर’ से जुड़ा है। 14 नवंबर 2024 को SSC MTS की परीक्षा के दौरान सेंटर पर चल रहे फर्जीवाड़े के मामले में वैशाली, नालंदा और कटिहार के सेंटर संचालक, फ्लाइंग ऑब्जर्वर, 12 फर्जी कैंडिडेट, 14 ओरिजिनल कैंडिडेट, 7 स्टाफ और दो दलालों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।

शुरुआती जांच में पता चला था कि सेंटर मैनेज कराने से लेकर परीक्षा पास कराने तक के लिए सेंटर संचालक ने पटना के एक युवक से मिलकर ओरिजिनल कैंडिडेट्स से 10 लाख की डील फिक्स की थी। एग्जाम में बैठने के लिए फर्जी कैंडिडेट को 80 से 1.50 लाख तक मिले थे।

अगले ही दिन यानी 15 नवंबर को साइबर थाना में दर्ज हुई FIR रिपोर्ट से इस बात का भी खुलासा हुआ था कि सेंटर संचालक विवेक कुमार और उसका पार्टनर रौशन कुमार, राहुल राज की SSC मध्य क्षेत्र के प्रयागराज दफ्तर में बहाल कार्यरत इजहार आलम से नजदीकियां थीं। इजहार आलम ही इस सेंटर का फ्लाइंग ऑब्जर्वर था। उसकी मिलीभगत से सेंटर पर फर्जीवाड़ा हो रहा था।

Avinash Roy

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