सिर्फ एक गलती से 12 लाख छात्रों को नहीं मिला पोशाक साइकिल योजना का लाभ, खाते में नहीं आई रकम

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राज्य के सरकारी विद्यालयों के करीब और 12 लाख बच्चों को साइकिल, पोशाक, छात्रवृत्ति योजनाओं की राशि मिलने में संकट पैदा हो गई है। जिलों से मुख्यालय को मिली बच्चों की सूची में त्रुटि रह जाने के कारण यह नौबत आई है। इसको लेकर शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को पत्र जारी किया है। शिक्षा विभाग ने जिलों को लिखे पत्र में कहा है कि 12 लाख में साढ़े सात लाख बच्चों का बैंक खाता संख्या ही गलत दिया गया है।
वहीं, साढ़े चार लाख बच्चों के बैंक का आईएफएससी कोड ही गलत लिखा हुआ है। इस कारण बच्चों के खाते में राशि का भुगातन नहीं हो पा रहा है। मालूम हो राज्य के एक करोड़ 15 लाख बच्चों की सूची शिक्षा विभाग की ओर से तैयार की गई है, जिन्हें विभिन्न योजनाओं की राशि का भुगतान किया जा रहा है। बच्चों के नाम, बैंक खाता नंबर, माता-पिता का नाम, जन्मतिथि के साथ विद्यार्थियों की सूची ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर दर्ज की गई है।

चरणबद्ध हो रहा है भुगतान ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर बच्चों का ब्योरा दर्ज करने के बाद विभाग की ओर से इस सूची को एनआईसी को भेजा गया, जिसके आधार पर चरणवार योजनाओं की राशि का भुगतान किया जा रहा है। करीब 80 लाख बच्चों के खाते में राशि का भुगतान कर दिया गया। इसके पूर्व भी करीब 10 लाख बच्चों की सूची में त्रुटि पायी गयी थी और स्कूलों को कहा गया था कि इसमें सुधार करें। इसके बाद भी तीन लाख से अधिक बच्चों की सूची में हुई त्रुटि में सुधार नहीं हो सका है। इसके बाद ऐसे और 12 लाख बच्चों के नाम ऐसी सूची में आ गये हैं। इस तरह कुल मिलाकर देखें तो 15 लाख बच्चे योजनाओं की राशि से वंचित हो सकते हैं।

अप्रैल से सितंबर 2024 तक कक्षा में 75 प्रतिशत की उपस्थिति दर्ज करने वाले बच्चों को योजनाओं की राशि दी जा रही है। राज्य में ऐसे बच्चों की संख्या एक करोड़ 15 लाख है। विभाग के पदाधिकारी बताते हैं कि शैक्षणिक सत्र 2024-25 में नामांकित छात्र-छात्राओं की संख्या एक करोड़ 80 लाख है। इनमें आधार नंबर से साथ एक करोड़ 58 लाख बच्चे नामांकित हैं। इनमें एक करोड़ 15 लाख बच्चे ही ऐसे हैं, जिनकी अप्रैल, 2024 से सितंबर 2024 तक कक्षा में उपस्थिति 75 प्रतिशत से अधिक रही है।





