जो पकड़े जा रहे वो ‘भ्रष्ट’ बाकी..? अन्य DEO ने भी बेंच-डेस्क, मरम्मती से लेकर समर सेबल तक में जमकर लिया कमीशन!

यहां क्लिक कर हमसे व्हाट्सएप पर जुड़े
समस्तीपुर : बिहार में भ्रष्ट अधिकारियों की कमी नहीं है. जो पकड़े जा रहे उनकी पोल खुल जा रही, बाकी माल कमा कर साफ बच जा रहे. बेतिया के जिला शिक्षा पदाधिकारी रहे रजनीकांत प्रवीण की खूब चर्चा हो रही है. चर्चा हो भी क्यों नहीं…विशेष निगरानी इकाई की छापेमारी में जिला शिक्षा पदाधिकारी के ठिकानों से नकदी 3 करोड़ 60 लाख मिले हैं. जमीन-जायदाद की बात छोड़ दीजिए. वैसे बता दें, शिक्षा विभाग के इस अफसर ने ही मलाई नहीं खाई है, बल्कि कई जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारियों ने हाल के वर्षों में जमकर कमाई की है.
कई स्कूलों में कमिशन के चक्कर में विभाग द्वारा तय किये गये मानकों के अनुरूप बेंच-डेस्क की सप्लाई नहीं की गई है. इसमें हेडमास्टर से लेकर जिला शिक्षा पदाधिकारी तक कमिशन लेने की चर्चा है. बेंच-डेस्क की आपूर्ति किये हुए अभी कुछ महीनें भी नहीं गुजरे हैं और ये टूटना शुरू हो गया है. यह मामला बिहार के कई जिलों से सामनें आ रहा है. वहीं विद्यालय के भवन मरम्मती में भी कमीशन खोरी का खेल चला है.

लोगों में चर्चा के अनुसार समर सेबल में भी नियम को ताख पर रखकर बोरिंग गाड़ा गया है. इसी कमीशनखोरी का काम रजनीकांत प्रवीण कैश में लेकर करते थे और निगरानी के हत्थे चढ़ गये. कुल मिलाकर कहा जाए तो जो पकड़े जा रहे उनकी पोल खुल जा रही, बाकी माल कमा कर साफ बच जा रहे. समस्तीपुर में भी कुछ ऐसी ही चर्चा है जहां आम से लेकर खास तक लूट में हिस्सेदार बने बैठे हैं. इसमें पत्रकार से लेकर लिपिक तक के भी शामिल होने की बात चर्चा में है.

![]()
ऐसा ही मामला समस्तीपुर के विभूतिपुर में भी देखने को मिला था जब वहां के तत्कालीन प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने फर्जी तरीके से बीपीएससी शिक्षक की बहाली कर दी. इस मामले में मीडिया द्वारा खबर चलाये जाने के बाद सरकार तक एक्शन में आ गया था. इसके बाद उसे निलंबित भी किया गया. शिक्षा विभाग से जुड़े सूत्रों के अनुसार समस्तीपुर में अगर सही तरीके से जांच की जाए तो बेंच-डेस्क व समर सेबल मामले में कई करोड़ रूपये का फर्जीवाड़ा उजागर हो सकता है.

सुशासन राज में भ्रष्टाचार के प्रतीक बने ‘प्रवीण’
आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के केस में बेतिया के जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) रहे रजनीकांत प्रवीण के ठिकानों पर तलाशी और नोटों की गिनती का काम शुक्रवार को पूरा कर लिया गया। विशेष निगरानी इकाई की टीम को डीईओ के दरभंगा और बेतिया के ठिकानों से कुल तीन करोड़ 56 लाख 22 हजार रुपये नकद मिले हैं। डीईओ के पत्नी सुषमा कुमारी के दरभंगा स्थित आवास से ही तीन करोड़ 60 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं।
वहीं, डीईओ के बेतिया आवास से 55 लाख 62 हजार रुपये नकद मिला है। इसके अलावे समस्तीपुर में उनके ससुराल से लाखों के गहने, कई शहरों में जमीन के दस्तावेज, बैंक पासबुक बरामद किए गए हैं। बता दें, विशेष निगरानी इकाई ने आय से अधिक संपत्ति मामले में गुरुवार (23 जनवरी) को डीईओ के बेतिया, दरभंगा, समस्तीपुर, मधुबनी समेत छह स्थानों पर एक साथ छापा मारा था।




