बिहार की एक और उपलब्धि, नियमित टीकाकरण में पूरे देश में बना नंबर वन

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बिहार नियमित टीकाकरण में अब देश में अव्वल स्थान पर पहुंच गया है. पिछले साढ़े तीन महीनों में बिहार में दो हजार नए टीकाकरण कार्नर स्थापित किए गए हैं. पिछले शुक्रवार को ही बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने सोनपुर के शाहपुर में बिहार का एक हजार वां टीकाकरण कॉर्नर का उद्घाटन किया. सितंबर 2024 तक बिहार में टीकाकरण आच्छादन 87 प्रतिशत था, जो अब बढ़कर 93 प्रतिशत हो गया है. जल्द ही राज्य टीकाकरण में शत प्रतिशत हासिल कर लेगा. पिछले साढ़े तीन महीनों में राज्य में दो हजार नए टीकाकरण कार्नर स्थापित किए गए हैं.
शिशुओं और गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण में सबसे आगे
नियमित टीकाकरण के मामले में बिहार ने पूरे देश में नंबर वन स्थान पाया है. राज्य शिशुओं और गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण में सबसे आगे है. स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने इस बात पर हर्ष व्यक्त किया और कहा कि यू-विन पोर्टल के माध्यम से शिशुओं और गर्भवती महिलाओं को सबसे अधिक संख्या में टीके देने में बिहार अग्रणी है. बिहार के बाद उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और ओडिशा का स्थान है. उन्होंने बताया कि यू-विन पोर्टल कोविड-19 वैक्सीन प्रबंधन प्रणाली को बेहतर ढंग से संचालित करने व उस पर नियंत्रण के लिए बनाया गया है. इसका उद्देश्य रिकॉर्ड को डिजिटल करके टीकाकरण प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना है.

टीका-निवारणीय रोगों के रखे जाते हैं रिकॉर्ड
नवादा जिले के नारदीगंज प्रखंड स्थित मसौढ़ा हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने प्रतिरक्षण केन्द्र का विधिवत उद्धघाटन करते हुए कहा कि टीकाकरण से 12 प्रकार की गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है. जिन क्षेत्रों में टीकाकरण की दर कम है, वहां जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे और लोगों को टीकाकरण के महत्व से अवगत कराया जाएगा. उन्होंने कहा कि इन केंद्रों पर सप्ताह के तीन दिन सोमवार, मंगलवार और गुरुवार को टीकाकरण कार्यक्रम चलाया जाता है. पोर्टल पर नियमित टीकाकरण के लिए 16 वर्ष की आयु तक 12 टीका-निवारणीय रोगों के रिकॉर्ड भी रखे जाते हैं. इससे माता-पिता या गर्भवती महिलाओं को कागजात रिकॉर्ड या टीकाकरण कार्ड ले जाने की आवश्यकता के बिना अपने टीके प्राप्त करने की अनुमति मिलती है.





