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पटना में चार साइबर थाना खोलने का प्रस्ताव: डीआइजी मानवजीत सिंह ढिल्लो

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आर्थिक अपराध इकाई (इओयू) के डीआइजी मानवजीत सिंह ढिल्लो ने बताया कि पटना में सबसे अधिक साइबर अपराध की घटनाएं हो रही हैं. इसके मद्देनजर पटना में चार साइबर थाना खोलने का प्रस्ताव दिया गया है.वहीं, साइबर अपराध रोकने के लिए तीन अतिरिक्त डीएसपी की भी तैनाती की जायेगी. पांच जिले पटना, शेखपुरा, नालंदा, नवादा व जमुई साइबर हॉट स्पॉट के रूप में चिह्नित किये गये हैं. सोमवार को पुलिस मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि राज्य के हर पुलिस जिले में एक साइबर थाने को अधिसूचित किया गया. राज्य के सभी 44 पुलिस जिलों में 44 साइबर थाना कार्यरत हैं. इओयू इन सभी साइबर थानों से संबंधित विषयों के लिए राज्य स्तर की नोडल इकाई है. डीआइजी ने कहा कि इस साल अब तक 301 डिजिटल अरेस्ट के मामले सामने आये हैं, जिनमें लगभग 10 करोड़ की ठगी हुई. हालांकि, 1.6 करोड़ की राशि होल्ड कराने में सफलता मिली है.

ऑनलाइन परीक्षा केंद्रों का किया जायेगा सत्यापन

डीआइजी ने कहा कि ऑनलाइन परीक्षा केंद्र की सत्यापन के लिए जीएसटी विभाग और कंपनी मामलों के मंत्रालय से संपर्क किया गया है.जीएसटी और मंत्रालय से आंकड़ा मिलने के बाद ऑनलाइन परीक्षा केंद्रों को सत्यापन शुरू कर दिया जायेगा.

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साइबर अपराध के कई मामलों का लिंक साउथ-इस्ट एशियाई देशों सेडीआइजी ने बताया कि साइबर अपराध के कई मामलों का लिंक साउथ-इस्ट एशियाई देशों-लाओस, कंबोडिया, मलेशिया व म्यांमार से पाया गया.इन देशों में गये 374 बिहारी नागरिकों की पहचान की गयी, जिनमें से कई अब तक नहीं लौटे हैं.इन मामलों में आठ ट्रैवल एजेंसियों का सत्यापन किया गया, जिनमें दो बिहार व छह दिल्ली-एनसीआर की हैंं.

1930 पर कुल 16.40 लाख कॉल्स प्राप्त हुए

डीआइजी ने बताया कि वर्ष 2022 की तुलना में वर्ष 2024 में (माह जनवरी से नवंबर तक) एनसीआरपी हेल्पलाइन 1930 पर कुल 16.40 लाख कॉल्स प्राप्त हुए. उक्त कॉल्स के आलोक में 15.73 लाख कॉल्स का उत्तर दिया गया, जो कि कुल कॉल्स का 96 प्रतिशत है.वर्ष 2024 में साइबर अपराध से संबंधित कॉल को प्राप्त करने और इस पर कार्रवाई करने में बिहार लगातार शीर्षस्थ पांच स्थानों पर रहा है.

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पुलिस विभाग में अलग से बनेगा साइबर डिवीजन

राज्य में बढ़ते साइबर अपराधों से निबटने के लिए पुलिस विभाग में इओयू के तर्ज पर अलग से साइबर डिवीजन बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गयी है. फिलहाल आइपीएस अधिकारी राकेश राठी को साइबर आइजी की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गयी है. इसके बाद इस डिवीजन में डीआइजी, एसपी व डीएसपी के साथ-साथ इंस्पेक्टर, सब इंस्पेक्टर और पुलिस बल की तैनाती की जायेगी. वहीं, पटना में साइबर सुरक्षा के ख्याल से एक हाइटेक कॉल सेंटर और ट्रेनिंग सेंटर स्थापित करने की भी योजना है. इसमें साइबर अपराध पर रोक लगाने की दृष्टि से 24 घंटे सेवाएं उपलब्ध करायी जायेंगी.यह जानकारी सोमवार को पुलिस मुख्यालय पटेल भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस में एडीजी मुख्यालय कुंदन कृष्णन ने दी. कहा कि राज्य में साइबर कमांडो बनाने की तैयारी है, इसके लिए आइटी व तकनीकी क्षेत्र में डिग्री वाले 176 पुलिस अधिकारियों का चयन होगा.

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सचिवालय थाने के बगल में साइबर सेंटर बनाने का प्रस्ताव

एडीजी मुख्यालय कुंदन कृष्णन ने बताया कि पुलिस विभाग ने सरकार को साइबर सेंटर बनाने का प्रस्ताव दिया है.इसके लिए पुलिस विभाग अपनी जगह देगा, सरकार को केवल भवन निर्माण के लिए राशि देनी होगी.पटना में बनने वाले हाइटेक सेंटर में विशेष प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध होगी.उन्होंने कहा कि फाइनेंशियल फ्रॉड से जुड़े मामलों को तुरंत सुलझाने के लिए बैंक का एक अधिकारी 24 घंटे केंद्र में मौजूद रहेगा. एडीजी मुख्यालय ने बताया कि इस सेल के पास राज्य सरकार के कई महत्वपूर्ण विभागों के डाटा सिक्यूरिटी की भी जिम्मेदारी होगी.

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