तिरहुत MLC चुनाव: जिसे केके पाठक ने नौकरी से बर्खास्त किया था, उसने JDU के छीनी सीट; दर्ज की प्रचंड जीत
बिहार विधान परिषद की तिरहुत स्नातक एमएलसी सीट सभी दलों को हराकर एक निर्दलीय शिक्षक नेता वंशीधर ब्रजवासी ने जीत ली है जिन्हें कुछ महीने पहले केके पाठक ने नियोजित शिक्षक की नौकरी से बर्खास्त कर दिया था। वंशीधर ने जेडीयू से यह सीट छीन ली है जो देवेश चंद्र ठाकुर ने सांसद बनने के बाद खाली की थी। जेडीयू के अभिषेक झा चौथे नंबर पर चले गए।
वंशीधर का सबसे नजदीकी मुकाबला प्रशांत किशोर की जन सुराज के विनायक विजेता के साथ रहा जो 10915 वोट के अंतर से दूसरे नंबर पर चले गए। राजद के गोपी किशन जदयू से कुछ ज्यादा वोट लेकर तीसरे नंबर पर रहे। पहली वरीयता के मतों से नतीजा नहीं निकल पाया था और तब दूसरी वरीयता के मतों की गिनती हुई थी।

बिहार विधान परिषद की तिरहुत स्नातक एमएलसी सीट के उपचुनाव की मतगणना में निर्दलीय उम्मीदवार एवं शिक्षक नेता वंशीधर ब्रजवासी सबसे आगे रहे। पहली वरीयता की मतगणना के बाद वे 23 हजार वोट लाकर पहले नंबर पर रहे। इसके बाद जन सुराज पार्टी के विनायक गौतम दूसरे, राजद के गोपी किशन तीसरे और जेडीयू के अभिषेक झा चौथे नंबर पर हैं। पहली वरीयता के वोटों से चुनाव नतीजा नहीं निकला, इसलिए अब दूसरी वरीयता के वोटों की गिनती हुई। उसमें भी सबसे आगे वंशीधर ही रहे। एमएलसी उपचुनाव का रिजल्ट मंगलवार को जारी हो गया। दूसरी वरीयता में सबसे कम वोट वाले कैंडिडेट को गिनती से बाहर कर दिया गया। दूसरी वरीयता में दो मतों को एक गिना जाता है। गिनती की यह प्रक्रिया तब तक चलती है। जब तक या तो किसी कैंडिडेट को कुल वैध वोट के 50 प्रतिशत से एक ज्यादा वोट ना आ जाए, या फिर आखिर में बचा दूसरे नंबर का प्रत्याशी एलिमिनेट ना हो जाए।

जेडीयू सांसद देवेश चंद्र ठाकुर के विधान परिषद से इस्तीफे के बाद इस सीट पर उपचुनाव कराया गया। 17 उम्मीदवारों ने उपचुनाव लड़ा। 5 दिसंबर को इस सीट के तहत शिवहर, सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर और वैशाली में 197 बूथों पर करीब 48 फीसदी मतदान हुआ था।

मुजफ्फरपुर के एमआईटी स्थित मतगणना केंद्र में 20 टेबल पर एक राउंड में 500-500 यानी लगभग 10 हजार मतों की गिनती हुई। मतगणना सोमवार सुबह 8 बजे शुरू हुई थी। एमएलसी उपचुनाव में लगभग 70 हजार वोट पड़े थे।



