घने कोहरे ने ना सिर्फ ट्रेनों की चाल बिगाड़ दी है बल्कि, उत्तर भारत से आवाजाही करने वाले कम से कम सवा दो लाख यात्रियों की भी गणित बिगड़ गई है। रेलवे ने उत्तर भारत में बढ़ रहें कुहासा को लेकर आगामी दो दिसंबर से जनवरी 2025 तक दो दर्जन ट्रेनों को रद्द किया है। इनमें अधिकांश साप्ताहिक ट्रेनों है, जो लंबी दूरी के है। अब दो दिसंबर के बाद उत्तर भारत जाने वाले यात्री दूसरे ट्रेनों में टिकट खोज रहें है। लेकिन, 15 दिसंबर के बाद भी प्रमुख ट्रेनों में सीट खाली नहीं है।
रेलवे का कहना है कि दिसंबर से जनवरी के बीच उत्तर भारत में कुहासे का प्रकोप होता है। दृष्टया काफी कम हो जाती है। ऐसे में सरक्षित और सरंक्षित यात्रा करना है। इस वजह से उत्तर भारत जाने वाली ट्रेनों के ट्रैफिक को कम किया गया है। साप्ताहिक ट्रेनों को रद्द किया गया है। वहीं दो दर्जन ट्रेनों के फेरे को कम कर दिया है। ताकि ट्रेनों का परिचालन के लिए सही ट्रैफिक मिल सके। बता दें कि 24 रद्द होने वाली ट्रेनों में तीन जोड़ा ट्रेन मुजफ्फरपुर से होकर गुजरती है। वहीं चार जोड़ी ट्रेनों को फेरा घटाया गया है। इनका फेर दिसंबर से लेकर फरवरी 2025 तक कम किया गया है।
बताया जाता है कि रद्द की गयी ट्रेनें इन दिनों के बीच 140 फेरा लगायी। औसतन एक रेलगाड़ी करीब 22 कोच का रैक है। इसमें औसतन 1584 रिजर्वेशन व जेनलर के सीट व बर्थ होते है। ऐसे में एक महीना में करीब 2.21 लाख यात्रियों को सीट का संकट झेलना पड़ेगा।
ट्रेन नंबर व नाम परिचालन दिवस रद्द की अवधि
ट्रेन का नाम और नंबर परिचालन दिवस रद्द अवधि कैंसिल होने की तिथि
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