Bihar

इस मामले में बिहार देश के कई राज्यों से अव्वल, नीति आयोग की रिपोर्ट से निकली अच्छी खबर

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गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लक्ष्य हासिल करने में बिहार भले ही निचले पायदन पर हो लेकिन 97 फीसदी के साथ प्रारंभिक शिक्षा में दाखिले के मामले में राज्य की स्थिति काफी बेहतर है। वहीं बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने वाले स्कूलों का प्रतिशत 88.42 और माध्यमिक स्तर पर प्रशिक्षित शिक्षकों का प्रतिशत 89.4 रहा। ये बातें नीति आयोग की हालिया एसडीजी इंडिया इंडेक्स रिपोर्ट 2024 में निकलकर सामने आई है। नीति आयोग ने हाल ही में वित्तीय वर्ष 2023-24 की रिपोर्ट जारी की है। इसमें बिहार को कुल इंडेक्स स्कोर 100 में मात्र 32 अंक हासिल हुए हैं। यह स्कोर सबसे कम है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लक्ष्य हासिल करने में राज्य किस स्थान पर हैं, इसका आकलन करने के लिए नीति आयोग की ओर से 12 मानक तय थे। इन्हीं के आधार पर अंक दिए गए।

इन मानकों पर पिछड़ा माध्यमिक स्तर पर औसत वार्षिक ड्रॉपआउट दर समेत 10 मानकों पर बिहार पिछड़ा है। माध्यमिक स्तर पर ड्रॉपआउट दर 20.5 है, जबकि केरल की ड्रॉपआउट दर 5.5 है। बिहार में उच्च माध्यमिक शिक्षा में दाखिले का प्रतिशत 35.9 है, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर कक्षा आठ में न्यूनतम दक्षता स्तर प्राप्त करने वाले छात्रों का प्रतिशत 71.5 रहा। उच्च शिक्षा में दाखिले में राज्य का प्रतिशत 17.1 जबकि दिव्यांगता वाले विद्यार्थी जिन्होंने कम से कम माध्यमिक शिक्षा ग्रहण की है, उनका प्रतिशत महज 18.5 है। उच्च शिक्षा के लिए जेंडर पार्टी इंडेक्स का प्रतिशत बिहार में 0.92 है। 15 या उससे अधिक उम्र के लोगों का साक्षरता प्रतिशत राज्य में 67.3 है। बिहार में बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने वाले स्कूलों का प्रतिशत 88.64 है। कंप्यूटर की सुविधा देने वाले स्कूलों का प्रतिशत राज्य में मात्र 18.9 है।

चार श्रेणियों में बांटे गए इंडेक्स स्कोर :

श्रेणी  /  स्कोर

अचीवर 100

फ्रंट रनर 65-99

परफॉर्मर 50-64

एस्पिरेंट 0-49

देशभर में 11 राज्य लक्ष्य पूरा करने में आगे :

देशभर में 11 ऐसे राज्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लक्ष्य को पूरा करने में आगे हैं। यानी ये राज्य 100 अंक लाने से कुछ ही अंक से पीछे हैं। इन राज्यों में गोवा, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, केरल, महाराष्ट्र, मणिपुर, मिजोरम, पंजाब, सिक्किम, तमिलनाडु, उत्तराखंड और चंडीगढ़ शामिल हैं। इन सभी राज्यों को 100 में 65-99 अंक मिले हैं।

इन मानकों के प्रतिशत पर स्कोर हुआ तय :

● प्रारंभिक शिक्षा के लिए दाखिले का प्रतिशत

● माध्यमिक स्तर पर ड्रॉपआउट दर का प्रतिशत

● उच्च माध्यमिक शिक्षा के लिए दाखिले का प्रतिशत

● राष्ट्रीय स्तर पर कक्षा 8 में न्यूनतम दक्षता स्तर प्राप्त करने वाले छात्रों का प्रतिशत

● उच्च शिक्षा के लिए दाखिले का प्रतिशत

● दिव्यांगता वाले विद्यार्थी जिन्होंने कम से माध्यमिक शिक्षा ग्रहण की है उनका प्रतिशत (15 वर्ष या उससे ऊपर)

● उच्च शिक्षा के लिए जेंडर पार्टी इंडेक्स का प्रतिशत

● 15 या ऊपर की उम्र के लोगों का साक्षरता प्रतिशत

● बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने वाले स्कूलों का प्रतिशत

● कंप्यूटर की सुविधा देने वाले स्कूलों का प्रतिशत

● माध्यमिक स्तर पर प्रशिक्षित शिक्षकों का प्रतिशत

● माध्यमिक स्तर पर छात्र-शिक्षक अनुपात

Avinash Roy

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