पुलिसवालों पर भारी पड़ रहा लव अफेयर; 3 ने गंवाई नौकरी, कइयों पर जांच की आंच, दूसरी शादी के चक्कर में SO बर्खास्त

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सख्त दिखने वाले पुलिसकर्मी प्रेम प्रसंग में कमजोर पड़ रहे हैं। पूर्व बिहार, कोसी-सीमांचल में अब तक सात पुलिसकर्मियों पर विभागीय कार्यवाही भी चली है। ये ऐसे मामले हैं जिसमें गृहस्थ जीवन तबाह होने के साथ कॅरियर भी हाशिए पर आ गया है। पिछले पांच साल के दौरान पुलिसकर्मियों के प्रेम प्रसंग में हत्या, आत्महत्या, धमकी और कई अन्य तरह के गंभीर मामले सामने आ चुके हैं। पुलिसकर्मियों की पत्नी की शिकायत पर पुलिस के वरीय अधिकारियों ने मुहर लगाई तो न्यायालय ने भी इसे सही मानकर आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ हुई विभागीय कार्यवाही में मिले सजा को बरकरार रखा। कई पुलिसकर्मी बर्खास्त भी हो चुके हैं।
सात पुलिसकमिर्यों पर अभी प्रेम-प्रसंग के आरोप में विभागीय कार्यवाही सबंधित जिले में चल रही है। भागलपुर पुलिस लाइन में प्रेम-प्रसंग में चार हत्या और एक आत्महत्या का मामले के साथ नाथनगर में पदस्थापित एक दारोगा के प्रेम प्रसंग की चर्चा भी लोगों की जुबान पर है। किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ थाना में यूपी से पति को ढ़ूढ़ने आई महिला से थानाध्यक्ष ने कई दिनों तक दुष्कर्म किया। मामला दर्ज होने के बाद थानाध्यक्ष फरार हो गए थे।


पूर्णिया जिले के मरंगा थाना में पदस्थापित दारोगा पर पत्नी ने दूसरी महिला से शादी करने का आरोप लगाया था। बाद में विभागीय कार्यवाही पूरी होने पर मामला सत्य पाया गया और जलालगढ़ थानाध्यक्ष रहते हुए दारोगा को बर्खास्त कर दिया गया था। अररिया जिला के सिमराहा थाना में पदस्थापित सिपाही श्रुति कुमारी ने किराए के आवास पर आत्महत्या कर ली थी। सिपाही के पति ने नरपतगंज थानाध्यक्ष पर प्रेम प्रसंग में धोखा देने का आरोप लगाया था। थानाध्यक्ष के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद एसपी हृदयकांत ने उन्हें निलंबित कर दिया था।

वरीय मनोचिकित्सक साझी झा कहती हैं कि पुलिसकर्मियों को इस तरह के मामले से बचने के लिए घर परिवार के साथ नियमित रूप से संपर्क में रहना चाहिए। वहीं सिटी एसपी राज ने कहा कि पारिवारिक मामले की लिखित शिकायत पर जांच- पड़ताल के दौरान सही पाए जाने पर कार्रवाई की जाती है।






