Bihar

काशी की तरह विष्णुपद और महाबोधि कोरिडोर का होगा निर्माण, बाढ़ रोकने के लिये बिहार को मिलेगी विशेष मदद

केंद्र की मोदी सरकार ने वित्त बजट में मंगलवार को बिहार में बाढ़ नियंन्त्रण और पर्यटन विकास के लिए बड़ी घोषणा की. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि बिहार को हर वर्ष बाढ़ की परेशानी झेलनी पड़ती है. नेपाल से आने वाले पानी के कारण बिहार को व्यापक स्तर पर बाढ़ से नुकसान होता है. कोसी नदी से आने वाली बाढ़ को रोकने के लिए विशेष वित्तीय मदद बिहार को मिलेगी. इसी तरह से असम में ब्रह्मपुत्र से होने वाले बाढ़ के नुकसान को रोकने के लिए केंद्र सरकार मदद करेगी. हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और सिक्किम को भी इसी तर्ज पर मदद मिलेगी.

वहीं पर्यटन विकास के लिए बिहार के गया में विष्णुपद मंदिर कोरिडोर, महाबोधि कोरिडोर निर्माण की मंजूरी मिली है. राजगीर के पूर्ण विकास और नालंदा के खंडहरों के विकास के लिए केंद्र सरकार ने खास घोषणा की. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में बिहार के लिए सड़कों के लिए 26 हजार करोड़ रुपए की परियोजनाओं को मंजूरी दी है. इसमें राज्य में तीन एक्सप्रेस वे निर्माण, बक्सर में गंगा नदी पर पुल निर्माण जैसी प्रमुख योजनाएं शामिल हैं. पटना से पूर्णिया और बक्सर-भागलपुर के बीच एक्सप्रेस वे तथा वैशाली और बोधगया के बीच भी एक्सप्रेस वे बनेगा. इसके बिहार के पीरपैंती में 2400 मेगावाट के पावर प्लांट की वित्त मंत्री ने घोषणा की. बिहार में नए मेडिकल कॉलेज और एयरपोर्ट निर्माण की भी बजट में घोषणा की गई.

केंद्रीय बजट 2024 के रूप मेंवित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मोदी 3.0 का पहला बजट पेश कर रही हैं। वित्त मंत्री सीतारमण ने केंद्रीय बजट 2024 की 9 प्राथमिकताओं को सूचीबद्ध किया है. उन्होंने कहा कि बजट में सभी के लिए पर्याप्त अवसर पैदा करने की प्राथमिकताओं पर निरंतर प्रयास करने की परिकल्पना की गई है. इसमें नौ क्षेत्रों कृषि में उत्पादकता और लचीलापन, रोजगार और कौशल, समावेशी मानव संसाधन विकास और सामाजिक न्याय, विनिर्माण और सेवाएँ, शहरी विकास, ऊर्जा सुरक्षा, बुनियादी ढाँचा, नवाचार, अनुसंधान और विकास और अगली पीढ़ी के सुधार शामिल है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि रोज़गार, गरीब, महिला, युवा और किसानों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा.

संसद को संबोधित करते हुए, वित्त मंत्री ने कहा कि रोज़गार, कौशल और एमएसएमई बजट का मुख्य फोकस रहेंगे। उत्पादकता और लचीलापन, रोज़गार और कौशल, विनिर्माण और सेवाएँ, ऊर्जा और सुरक्षा, बुनियादी ढाँचा, विनिर्माण, भूमि सुधार, शहरी विकास और अगली पीढ़ी के सुधार नौ प्राथमिकता वाले क्षेत्र बने रहेंगे। उन्होंने कहा, “जैसा कि अंतरिम बजट में उल्लेख किया गया है, हमें 4 अलग-अलग जातियों, गरीबों, महिलाओं, युवाओं और किसानों पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है। किसानों के लिए, हमने सभी प्रमुख फसलों के लिए उच्च न्यूनतम समर्थन मूल्यों की घोषणा की है, जो लागत पर कम से कम 50% मार्जिन के वादे को पूरा करते हैं। पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना को 5 साल के लिए बढ़ा दिया गया, जिससे 80 करोड़ से अधिक लोग लाभान्वित हुए।”

Avinash Roy

Recent Posts

पूसा के हरपुर भुसकौल चौक पर बदमाशों ने की हवाई फायरिंग, 5 की संख्या में थे बदमाश

समस्तीपुर/पूसा : समस्तीपुर जिले के पूसा थाना क्षेत्र के हरपुर भुसकौल चौक के निकट शुक्रवार…

3 घंटे ago

समस्तीपुर में शिक्षकों के लिए बड़ी राहत! बढ़े हुए HRA का रास्ता साफ, शिक्षा विभाग ने शुरू की कार्रवाई

समस्तीपुर : नगर निगम समस्तीपुर सीमा के आसपास स्थित विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के लिए…

4 घंटे ago

संदिग्ध मौत के आरोपी को बाजार में देख भड़के परिजन, बनाया बंधक; मृतक ने दोस्त की पत्नी से कर ली थी शादी

समस्तीपुर : दोस्त की पत्नी के साथ कथित तौर पर विवाह कर रहने वाले नगर…

4 घंटे ago

पेपर लीक व लाठीचार्ज के विरोध में आइसा के नेतृत्व में दलसिंहसराय में हुआ प्रदर्शन, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग

समस्तीपुर/दलसिंहसराय : पेपर लीक की लगातार हो रही घटनाओं और छात्र आंदोलन पर हुए कथित…

5 घंटे ago

नई सरकार के गठन के 100 दिनों की उपलब्धियों के कार्यक्रम की तैयारियों की डीएम ने की समीक्षा

समस्तीपुर : नई सरकार के गठन के 100 दिनों की उपलब्धियों पर शनिवार को आयोजित…

14 घंटे ago