Bihar

राजद MLC सुनील सिंह की रद्द हो सकती है सदस्यता: नीतीश की मिमिक्री और बैठकों में शामिल ना होने का आरोप

राजद एमएलसी और विधान परिषद में पार्टी के मुख्य सचेतक सुनील सिंह की विधान परिषद की सदस्यता रद्द की जा सकती है। विधान परिषद की आचार समिति ने सुनील सिंह पर कार्रवाई की अनुशंसा की है। इसमें कहा गया है कि वे लगातार सदन के अंदर 4 बैठकों में शामिल नहीं हुए हैं। 5वीं बैठक में वे आए, लेकिन अपने ऊपर लगे आरोपों पर कोई जवाब नहीं दिया।

इसके साथ ही अनुशंसा पत्र में कहा गया है कि वे लगातार सदन के नेता, यानी मुख्यमंत्री के खिलाफ बयानबाजी करते आ रहे हैं। उनका व्यवहार भी असंसदीय और लोकतंत्र के खिलाफ है। ऐसे में क्यों ना विधान परिषद से उनकी सदस्यता खत्म कर दी जाए।

सुनील कुमार सिंह ने कहा कि मेरे खिलाफ प्रतिवेदन तैयार करने में उन लोगों ने काफी मेहनत की है। सदन में गरीबों, किसानों, वंचितों, बेरोजगारों की आवाज नहीं उठ सके, इसलिए यह किया गया है।

सुनील सिंह के आचरण के खिलाफ सत्ता पक्ष की तरफ से विधान परिषद के आचार समिति को पत्र लिखा गया था। तात्कालिक सभापति देवेश चंद्र ठाकुर के सामने यह घटना हुई थी। आचार समिति ने सुनील सिंह पर लगाए गए आरोप की जांच की और अब पूरी गोपनीय रिपोर्ट सभापति अवधेश नारायण सिंह को सौंप दी। अनुशंसा पत्र को सदन के पटल पर रखा गया है।

जानें सुनील सिंह पर क्यों गिर सकती है गाज

आरजेडी के विधान पार्षद सुनील सिंह के लालू परिवार से बेहद करीबी रिश्ते रहे हैं। ये राबड़ी देवी के मुंह बोले भाई माने जाते हैं, यही कारण है कि हर साल राबड़ी देवी सुनील सिंह को राखी बांधती हैं। लालू परिवार के हर बड़े मौके पर सुनील सिंह साथ खड़े रहे हैं।

लालू और तेजस्वी यादव पर जब लैंड फॉर जॉब मामले में ईडी की कार्रवाई चल रही थी, लालू और तेजस्वी पूछताछ के लिए ईडी कार्यालय गए थे तो देर रात तक सुनील सिंह कार्यकर्ताओं के साथ बाहर खड़े रहे थे। कार्यकर्ताओं को एकजुट करना हो या लालू परिवार की हर परिस्थितियों में साथ देना सुनील सिंह हमेशा लालू के साथ रहे हैं।

रोहिणी के चुनाव में भी पूरी कमान सुनील सिंह ने संभाली थी

लालू की बेटी रोहिणी आचार्य ने जब पहली बार अपनी राजनीतिक करियर की शुरुआत करते हुए सारण लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए नामांकन किया, उस समय भी सुनील सिंह साथ खड़े थे।

सुनील सिंह ने रोहिणी आचार्य के नामांकन से लेकर प्रचार करने की बात हो या मतदान का दिन हर वक्त सुनील सिंह रोहिणी के साथ ही खड़े दिखे। रोहिणी के चुनाव की पूरी जिम्मेदारी सुनील सिंह ने उठा रखी थी। सुनील सिंह खुद छपरा के रहने वाले हैं इसलिए रोहिणी के सारण में चुनाव की पूरी जिम्मेदारी खुद उठाते रहे थे।

Avinash Roy

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