Bihar

इंतजार खत्म, अब पटना एम्स में भी होगी किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा; जानें शुरुआत कब से

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), पटना में अगले माह यानी अगस्त से किडनी प्रत्यारोपण (ट्रांसप्लांट) की सुविधा शुरू हो जाएगी। बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग द्वारा मानव अंग और ऊतक प्रत्यारोपण अधिनियम, 1994 के तहत एम्स पटना को किडनी प्रत्यारोपण की मंजूरी दे दी गई है। एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक और सीईओ डॉ. गोपाल कृष्ण पाल ने कहा कि ट्रांसप्लांट अगस्त तक शुरू होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि विभिन्न विशिष्टताओं के सात डॉक्टरों की एक टीम ने पीजीआई, चंडीगढ़ में औपचारिक अल्पकालिक प्रशिक्षण पूरा कर लिया है।

प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले टीम में डॉ. कमलेश गुंजन, डॉ. विपिन चंद्रा, डॉ. अभ्युदय कुमार, डॉ. नीरज कुमार, डॉ. उपासना सिन्हा, डॉ. तरुण कुमार और डॉ. जुटांग शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी और एनेस्थिसियोलॉजी विभाग, किडनी प्रत्यारोपण के लिए महत्वपूर्ण हैं। उक्त विभाग अच्छी तरह से कार्य कर रहे हैं। यहां रेडियोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, पैथोलॉजी और कार्डियोलॉजी सहित विभिन्न विभागों के विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम मौजूद है।

यूरोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. कमलेश गुंजन ने कहा कि पहले चरण में किडनी प्रत्यारोपण तभी शुरू होगा, जब मरीजों को रक्त संबंधी डोनर से किडनी मिलेगी। दूसरे चरण में, संस्थान कैडवेरिक ट्रांसप्लांट शुरू करेगा, जहां ब्रेन डेड मरीजों के परिजनों की सहमति से किडनी निकाली जाएगी। डॉ. गुंजन ने कहा, हमारे पास पहले से ही पांच डायलिसिस मरीज हैं, जो प्रत्यारोपण का इंतजार कर रहे हैं। इनकी सर्जरी के लिए विभिन्न परीक्षण किए जा रहे हैं। एम्स पटना में अत्याधुनिक गहन देखभाल इकाई है जिसमें कार्डियक आउटपुट मॉनिटर और ईसीएमओ आदि जैसे अपडेट उपकरण और सुविधाएं हैं।

बिहार के साथ अन्य राज्यों को मिलेगा लाभा

एम्स पटना में किडनी प्रत्यारोपण की सुविधा के शुरू होने के बाद बिहार के अलावा झारखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तर पूर्वी राज्यों और यहां तक ​​कि उत्तर प्रदेश और ओडिशा के आसपास के जिलों के मरीजों को लाभ मिलेगा। वर्तमान में यहां के मरीजों को ट्रांसप्लांट के लिए एम्स नई दिल्ली और पीजीआई, चंडीगढ़ जाना पड़ता है। एम्स पटना में सुविधा शुरू होने से अन्य केंद्रों पर किडनी रोगियों का बोझ भी कम होगा।

मात्र तीन लाख में होगा प्रत्यारोपण 

पटना एम्स में निजी संस्थानों की तुलना में बेहद कम खर्च में किडनी ट्रांसप्लांट हो सकेगा। निजी अस्पतालों में किडनी प्रत्यारोपण पर 8 से 10 लाख रुपये खर्च होता है। इसकी तुलना में एम्स लगभग 3 लाख प्रत्यारोपण हो जाएगा। इसमें दाता और प्राप्तकर्ता के लिए दवाओं और अस्पताल में रहने का खर्च भी शामिल है। – डॉ. गोपाल कृष्ण पाल, कार्यकारी निदेशक, एम्स पटना

Avinash Roy

Recent Posts

मुख्यमंत्री से मिलकर MLC डॉ. तरुण कुमार चौधरी ने समस्तीपुर के विकास से जुड़ी विभिन्न योजनाओं का रखा प्रस्ताव

समस्तीपुर : एमएलसी डॉ. तरुण कुमार चौधरी ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से शिष्टाचार मुलाकात कर…

7 घंटे ago

EVM-VVPAT गोदाम का डीएम-एसपी ने किया मासिक निरीक्षण; सुरक्षा व्यवस्था, CCTV और अग्नि सुरक्षा का लिया जायजा

समस्तीपुर : जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-डीएम रोशन कुशवाहा एवं एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने गुरुवार को…

8 घंटे ago

समस्तीपुर : पांच दिनों तक चले मनरेगा योजनाओं की जांच पूरी, केंद्रीय टीम की रिपोर्ट का इंतजार; DDC ने कहा- रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई

समस्तीपुर/बिथान : बिथान प्रखंड की सोहमा पंचायत में मनरेगा योजनाओं में कथित अनियमितता की शिकायत…

15 घंटे ago

रोसड़ा की पहली महिला SDM के रूप में पूजा कुमारी ने संभाला पदभार

समस्तीपुर/रोसड़ा : रोसड़ा अनुमंडल के इतिहास में बुधवार को नया अध्याय जुड़ गया। पूजा कुमारी…

16 घंटे ago