समस्तीपुर Town

नजर हर खबर पर…

BiharNEWSPolitics

लोकसभा चुनाव के बाद कुशवाहा राजनीति हाई, बिहार इलेक्शन से पहले एनडीए और INDIA की कोइरी वोटों पर नजर

IMG 20231027 WA0021

यहां क्लिक कर हमसे व्हाट्सएप पर जुड़े 

लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजे आने के बाद से बिहार में कुशवाहा राजनीति चरम पर है। अगले साल बिहार विधानसभा का चुनाव होना है, ऐसे में सत्तारूढ़ एनडीए और विपक्षी पार्टियां ओबीसी वोटबैंक को लुभाने के लिए ‘कुशवाहा राजनीति’ करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। पिछले साल हुई जातिगत गणना के बाद से बिहार में ओबीसी वर्ग एक मजबूत वोटबैंक के रूप में उभरा। लोकसभा चुनाव में खासकर ओबीसी वर्ग की कुशवाहा (कोइरी) जाति राजनीति के केंद्र में रही। नतीजे आने के बाद राज्य की प्रमुख विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने औरंगाबाद से कुशवाहा जाति से चुनाव जीतकर संसद पहुंचे अभय कुमार सिन्हा को लोकसभा में संसदीय दल का नेता भी बना दिया।

सत्तारूढ़ एनडीए के घटक दल भी इसमें पीछे नहीं हैं। ऐसी अटकलें हैं कि काराकाट लोकसभा सीट से चुनाव हारने वाले राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा राज्यसभा उपचुनाव में एनडीए के उम्मीदवार बनाए जा सकते हैं। आरजेडी की राज्यसभा सांसद रहीं मीसा भारती के पाटलिपुत्र लोकसभा से सांसद बनने से यह सीट खाली हुई है। इसके अलावा, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) से जुड़े एक और कोइरी नेता भगवान सिंह कुशवाहा को एमएलसी उपचुनाव में उम्मीदवार बनाने जा रही है। यह सीट आरजेडी के एमएलसी रहे रामबली सिंह के अयोग्य घोषित होने के बाद खाली हुई है।

IMG 20240520 WA0068

IMG 20230604 105636 460

भगवान सिंह कुशवाहा ने खुद दावा किया है कि एमएलसी उपचुनाव में उम्मीदवार बनने के लिए उन्हें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मंजूरी मिल गई है। कुशवाहा ने मंगलवार को मीडिया से कहा, “मुझ पर भरोसा जताने के लिए मैं सीएम नीतीश कुमार का आभारी हूं, जो मेरी पार्टी (जेडीयू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं। एनडीए ने मुझे विधान परिषद उपचुनाव के लिए उम्मीदवार बनाया है। मैं 2 जुलाई को अपना नामांकन पत्र दाखिल करूंगा।”

IMG 20230728 WA0094 01

हालांकि, जेडीयू की ओर से अभी तक इस बारे में कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है। एमएलसी सीट के लिए उपचुनाव की अधिसूचना निर्वाचन आयोग ने 25 जून को जारी की थी, नामांकन की आखिरी तारीख 2 जुलाई है। इसके लिए मतदान 12 जुलाई को होगा।

उपेंद्र कुशवाहा को राज्यसभा भेजेगी बीजेपी-जेडीयू?

नाम न बताने की शर्त पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि उपेंद्र कुशवाहा को राज्यसभा भेजने की पूरी संभावना है। ताकि यह स्पष्ट हो सके कि एनडीए अपने घटक दलों की अनदेखी नहीं करता है और ना ही कुशवाहा समुदाय को कोई गलत संदेश जाए। उन्होंने कहा कि कुशवाहा वोटबैंक थोड़ा बिखरा हुआ है और एनडीए के सहयोगी इसे मजबूत करना चाहते हैं। इसलिए उपेंद्र कुशवाहा राज्यसभा सीट के लिए सबकी पसंद हैं।

Dr Chandramani Roy Flex page 0001 1 1 scaled

चर्चा है कि उपेंद्र कुशवाहा काराकाट से लोकसभा चुनाव हारने के बाद नाराज हैं। हाल ही में सीपीआई माले के राजाराम सिंह और बीजेपी के बागी निर्दलीय पवन सिंह से उन्हें काराकाट में करारी हार का सामना करना पड़ा था। वे चाहते हैं कि बीजेपी उन्हें राज्यसभा भेजे, हालांकि सार्वजनिक रूप से वह कह रहे हैं कि वे एनडीए में बने रहेंगे। सूत्रों की मानें तो इससे भाजपा पर उपेंद्र कुशवाहा को खुश रखने का दबाव बढ़ गया है। जातिगत गणना के आंकड़ों के मुताबिक कुशवाहा जाति की आबादी लगभग 4.21 फीसदी है। ऐसे में एनडीए और इंडिया गठबंधन दोनों ही बिहार विधानसभा चुनाव से पहले कोइरी वोटबैंक को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं।

IMG 20230701 WA0080

चुनाव पर्यवेक्षकों का मानना ​​है कि हाल के समय में कुशवाहा आधारित राजनीति की शुरुआत बीजेपी की ओर से की गई थी। बीजेपी ने इस समाज से आने वाले सम्राट चौधरी को पहले पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बनाया और फिर उन्हें डिप्टी सीएम की कुर्सी पर बैठा दिया। इस तरह पार्टी ने कुशवाहा वोट आधार मजबूत करने की कोशिश की। इसके बाद जवाब में लालू यादव की आरजेडी ने हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में सात सीटों पर कोइरी जाति के उम्मीदवार उतारे, हालांकि उसमें से सिर्फ एक सीट औरंगाबाद से अभय कुशवाहा ही जीत दर्ज कर सके।

पटना कॉलेज के प्राचार्य रह चुके चुनाव पर्यवेक्षक नवल किशोर चौधरी ने कहा कि कुछ साल पहले तक कोइरी-कुशवाहा के साथ कुर्मी जाति को जेडीयू का कोर वोटबैंक माना जाता था। मगर जब से बीजेपी ने इस समुदाय को लुभाना शुरू किया, तब से इसका महत्व और बढ़ गया है। पिछले कुछ चुनावों में बिहार में किसी एक पार्टी को बहुमत नहीं मिला, यही वजह है कि कुशवाहा जैसे सीमांत वोटबैंक को राजनीति में अहमियत मिल गई।

Half Page Paper Design 25x33 cm 05.06.24 page 0001

एनडीए में भाजपा और जेडीयू दोनों ही इस समुदाय को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं, आरजेडी भी एनडीए इस पारंपरिक वोटबैंक में सेंधमारी की जुगत में जुटी है। यही वजह है कि आरजेडी ने अभय सिंह कुशवाहा को लोकसभा में पार्टी संसदीय दल का नेता भी बनाया। आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में कोइरी वोटर इंडिया और एनडीए दोनों गठबंधनों के लिए महत्वपूर्ण वोटबैंक की भूमिका निभाएंगे।

IMG 20240426 WA0004

IMG 20240414 WA0005

IMG 20230818 WA0018 02

20201015 075150