समस्तीपुर Town

नजर हर खबर पर…

BiharNEWS

अब चिलचिलाती गर्मी में भी नहीं फटेगी आपकी रसीली शाही लीची, तापमान सहने की क्षमता पर शोध की तैयारी

IMG 20231027 WA0021

यहां क्लिक कर हमसे व्हाट्सएप पर जुड़े 

मुजफ्फरपुर की शाही लीची विश्व भर में प्रसिद्ध है और यही लीची राज्य को पूरी दुनिया भर में सम्मान दिलाती है। लेकिन अत्यधिक गर्मी और बारिश दोनों लीची का दुश्मन है। मौसम के दुष्प्रभाव से फल को बचाने के राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र मुशहरी के वैज्ञानिक शाही लीची के तापमान सहने की क्षमता पर शोध करेंगे। वैज्ञानिक जिले के शाही लीची के बगानों में कुछ अलग दिखने वाले पेड़ और फल की जानकारी के लिए किसानों से संपर्क कर रहे हैं।

अच्छी किस्म को विकसित कर ज्यादा उत्पादक बनाने की दिशा में काम किया जाएगा। निदेशक डॉ. विकास दास ने बताया कि जलवायु परिवर्तन के कारण लीची में मंजर आने से लेकर फल तैयार होने तक मौसम को लेकर संशय बना रहता है। अप्रैल माह में पछिया हवा और तापमान अधिक रहने से लीची के लिए कठिन समय रहा।

IMG 20240325 WA0004

IMG 20230604 105636 460

वैज्ञानिक वैसे शाही लीची की तलाश कर रहे हैं, जिस पर पारा का असर कम पड़ा हो और आकार दूसरे से बड़ा हो और उसके स्वाद में भी अंतर हो, वैसे पौधे को लीची अनुसंधान केन्द्र में संबंधित किसान के नाम से निबंधन कर उस पौधे को लीची अनुसंधान केन्द्र में विकसित किया जाएगा। शोध सही रहा तो शाही लीची की मांग बाजार में बढ़ेगी और किसानों को शाही लीची की नई किस्म लगाने का अवसर मिलेगा। इस विषय पर मंथन के लिए सात मई को अनुसंधान केन्द्र में किसान और वैज्ञानिक की बैठक होनी है।

IMG 20230728 WA0094 01

पहले ही लीची की 12 देसी किस्मों की हो चुकी है खोज

बिहार लीची एसोसिएशन के अध्यक्ष बच्चा प्रसाद सिंह ने बताया कि पिछले साल सितंबर में लीची की 12 देसी प्रजाति के पौधे को अनुसंधान केंद्र में वैज्ञानिक द्वारा विकसित किया गया। विकसित होने पर राष्ट्रपति ने एसो. को पुरस्कृत भी किया था। इसमें गंडकी संपदा, गंडकी लालीमा, गंडकी योगिता, रोज सेंटेड, स्वर्ण रूपा, लेट बेदाना, लौंगिया, तिरकोलिया, मंद्राजी, पूरबी, लौगान आदि देसी किस्म शामिल हैं।

Dr Chandramani Roy Flex page 0001 1 1 scaled

मुजफ्फरपुर की मिट्टी लीची के लिए सबसे अनुकूल

महात्मा गांधी समेकित कृषि अनुसंधान संस्थान मोतिहारी के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. एसके पूर्वे ने बताया कि शाही लीची अन्य लीची से अलग होता है। यह सबसे पहले तैयार होता है। इसका स्वाद, आकार, सुंदरता और सुगंध अन्य लीची से बेहतर और भिन्न होता है। मुजफ्फरपुर की शाही लीची का स्वाद विश्व विख्यात है। दूसरे प्रदेशों में शाही लीची होते हैं, लेकिन उनका स्वाद मुजफ्फरपुर की शाही लीची की तरह नहीं होता है।

IMG 20230701 WA0080

इसका प्रमुख कारण है मुजफ्फरपुर की मिट्टी जो शाही लीची के लिए अनुकूल है। यहां की मिट्टी में माइको राइज फंगस पाया जाता है। इससे शाही लीची का स्वाद, सुंदरता और सुगंध बदल जाता है। इसके अलावा यहां की मिट्टी में कैल्शियम की मात्रा अधिक होती है। यही कारण है कि मुजफ्फरपुर की शाही लीची की मांग अधिक होती है। इस लीची को जीआई टैग भी मिल चुका है।

IMG 20240303 WA0043

IMG 20240426 WA0004

IMG 20240414 WA0005

IMG 20230818 WA0018 02

20201015 075150