न्यूनतम वेतन 35000, रोजाना मजदूरी 600 और राज्यपाल का पद समाप्त; CPI-माले का घोषणापत्र जारी
लोकसभा चुनाव 2024 की घोषणा के बाद बिहार समेत पूरे देश के सियासी तापमान चरम पर है। वोट लेने के लिए विभिन्न राजनैतिक दलों द्वारा जनता से एक से बढ़कर एक वादे किए जा रहे हैं। कांग्रेस पार्टी के बाद सीपीआई माले ने अपना चुनावी घोषणापत्र जारी कर दिया है। माले की घोषणापत्र में बड़े बड़े वादे किए गए हैं जिनमें न्यूनतम वेतन 35 हजार तो एक की न्यूनत मजदूरी 6 सौ रुपए दिलाने का आश्वासन दिया गया है।
अपने चुनावी घोषणापत्र में सीपीआई एमएल ने चुनावों में ईवीएम यानि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन के उपयोग पर अपना रुख स्पष्ट किया है। दरअसल ईवीएम को लेकर राजनैतिक दलों द्वारा बार-बार सवाल उठाए जाते हैं। अक्सर सत्ताधारी दल पर ईवीएम के दुरुपयोग का आरोप लगाया जाता है। भाकपा माले ने अपने मेनिफेस्टो में ईवीएम के बदले बैलेट से कराने की बात कही है। दैनिक मजदूरी और मासिक वेतन को लेकर बड़े वादे किए गए हैं। पार्टी के मेनिफेस्टो में कहा गया है कि मनरेगा में साल 200 दिन काम की गारंटी और एक दिन की मजदरी 600 रुपए करने की बात कही गई है। इसके अलावे संविदाकर्मियों को नियममित करने के साथ एक माह का न्यूनतम वेतन 35 हजार करने की बात कही गयी है।

भाकपा माले ने राज्यपाल का पद समाप्त करने की बात कही है। कहा गया है कि किसी प्रतिनिधि द्वारा दल बदल करने पर अनिवार्य रूप से सदस्यता खत्म होना चाहिए। इसके अलावे राज्यपाल का पद समाप्त करने की बात भी कही गयी है। कहा गया है कि जीएसटी की वापसी होगी और मतदाताओं के पास अपने प्रतिनिधियों को वापस करने का अधिकार होगा।

बताते चलें कि बिहार में सीपीआई माले तीन सीटों पर चुनाव लड़ रही है। महागठबंधन में शेयरिंग फॉर्मूले के तहत आरा, काराकाट और नालंदा की लोकसभा सीटें सीपाआई एमएल की दो गई हैं। पार्टी ने काराकाट से राजाराम सिंह को, नालंदा से संदीप सौरभ को और आरा से सुदामा प्रसाद को मैदान में उतारा है। आरा में राजाराम सिंह एनडीए के उपेंद्र कुशवाहा को टक्कर देंगे तो नीतीश के गृह जिला नालंदा में संदीप सौरभ दो बार के सांसद जदयू के कौशलेंद्र कुमार को चुनौती देंगे। आरा में सुदामा प्रसाद की लड़ाई बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री आरके सिंह को लड़ाई देंगे।





