बिहार: पोस्टमार्टम हाउस का गेट तोड़ शव ले गए परिजन, जीवित समझकर ईसीजी कराने की करने लगे मांग
बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित एसकेएमसीएच में उस समय अफरा तफरी मच गयी जब एक युवक के शव के लिए परिजनों ने पोस्टमार्टम हाउस का दवाजा तोड़ दिया। सड़क हादसे में मृत युवक को जिंदा समझ शव को परिजन पोस्टमार्टम हाउस से जबरन उठाकर इमरजेंसी में ले गए। इस दौरान परिजनों ने पोस्टमार्टम हाउस के बाहर जमकर हंगामा किया।शव को निकालने के लिए पोस्टमार्टम हाउस का दरवाजा तोड़ दिया। परिजनों ने शव की ईसीजी कराई। जांच में मृत घोषित होने के बाद फिर शव को पोस्टमार्टम हाउस पहुंचा दिया।
परिजनों को लग रहा था कि मृत युवक जिंदा है और उसे अस्पताल ले जाने के बदले जबरन पोस्टमार्टम कराए जाने की बात कही जा रही है। एसकेएमसीएच पुलिस चौकी के प्रभारी अजीत कुमार ने बताया कि पुलिस मौके से अज्ञात समझ कर शव को पोस्टमार्टम हाउस लाई थी। परिजन पीछे से आए उनके आने के बाद मृतक की पहचान हो पाई। परिजनों ने पुलिस पर कई आरोप लगाए और बहस किया।

दरअसल मुजफ्फरपुर-दरभंगा हाईवे पर मझौली चौक के पास गुरुवार रात ट्रक की ठोकर से बाइक सवार युवक जयप्रकाश सिंह (20) की मौत हो गई थी। वह गायघाट के लोचा गांव का था। उसकी मां विभा देवी पूर्व वार्ड सदस्य हैं। जयप्रकाश मुजफ्फरपुर में पढ़ाई करता था और राघोपुर से भोज खाकर लौट रहा था। इसी दौरान वह सड़क हादसे का शिकार बन गया।

इस मामले में एसकेएमसीएच के प्रभारी प्राचार्य डॉ. रमाकांत प्रसाद ने बताया कि यह पुलिस की लापरवाही है। उसे पहले अस्पताल में लाना चाहिए था। डॉक्टर से मृत्यु सत्यापित कराए बिना शव पोस्टमार्टम हाउस में कैसे रख दिया यह बहुत गंभीर लापरवाही का विषय है। मामले में जांच बैठाई जाएगी और रिपोर्ट के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।






