पहला कदम नहीं उठाएगी आरजेडी, तेजस्वी यादव ने नीतीश से समर्थन वापसी के प्रस्ताव को ठुकराया
बिहार में जारी सियासी हलचल के बीच आरजेडी ने नीतीश सरकार से समर्थन वापस लेने से इनकार कर दिया है। पटना में शनिवार को आरजेडी विधायक दल की बैठक हुई। इसमें कई विधायकों ने मांग उठाई कि नीतीश सरकार से पार्टी अपना समर्थन वापस ले ले। हालांकि, डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने आरजेडी विधायकों की मांग को ठुकरा दिया। उन्होंने विधायकों को स्पष्ट किया है कि आरजेडी सरकार तोड़ने का पहला कदम नहीं उठाएगी। पार्टी ने हमेशा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का सम्मान किया है।
आरजेडी विधायक दल की बैठक में पार्टी ने आगे के सभी फैसले लेने के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव को अधिकृत किया है। पार्टी के सभी विधायकों को यह निर्देश दिया गया है कि वह अभी नीतीश कुमार के खिलाफ किसी भी तरह की बयानबाजी न करें। नीतीश कुमार और सरकार पर कोई भी बयान देना है या फैसला लेना है, वो लालू यादव ही करेंगे।

रिपोर्ट्स के मुताबिक तेजस्वी यादव ने स्पष्ट मैसेज दिया है कि आरजेडी सरकार गिराने का कोई कदम नहीं उठाएगी। वह अब भी महागठबंधन सरकार में बनी हुई है। अगर नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू कोई ऐसा कदम उठाती है, तो फिर पार्टी अपना काम शुरू करेगी। आरजेडी ने अभी तक हार नहीं मानी है। तेजस्वी ने संकेत दिए हैं कि उनकी पार्टी आसानी से नीतीश को एनडीए में नहीं जाने देगी।

सूत्रों के अनुसार आरजेडी ने एनडीए में शामिल जीतनराम मांझी की पार्टी HAM को भी ऑफर दिया है। हालांकि, HAM ने स्पष्ट किया है कि वह एनडीए में ही मजबूत है। नीतीश कुमार के एनडीए में वापसी से उन्हें कोई दिक्कत नहीं है। महागठबंधन में जाने का सवाल नहीं उठता है। हालांकि, जीतनरा मांझी ने पटना में शनिवार शाम को विधायक दल की बैठक भी बुलाई है।







