बिहार के दरभंगा में प्रस्तावित राज्य के दूसरे बहु प्रतिक्षित एम्स की राह में नया रोड़ा आ या है। केंद्र सरकार ने इसके इस प्रोजेक्ट के लिए बिहार सरकार से एक्स्ट्रा 50 एकड़ जमीन की मांग की है। उत्तर बिहार के लोगों को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं दिलाने के लिए इसका दरभंगा में एक एम्स की स्थापना की जा रही है। लेकिन केंद्र सरकार की नई डिमांड से इस में बाधा फंसता दिख रहा है क्योंकि जमीन और लोकेशन को लेकर केंद्र और बिहार सरकार के बीच कई प्रकार के मतभेद पहले चे चल रहे हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने बिहार के स्वास्थ्य विभाग को इससे संबंधित पत्र भेजा है। केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त सचिव अंकिता मिश्रा बुंदेला ने राज्य स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत को 27 दिसंबर, 2023 को भेजा गया था जिसमें भविष्य की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए 150 एकड़ के अलावे 50 एकड़ जमीन की मांग की गयी है।
संयुक्त सचिव के पत्र में दरभंगा में प्रस्तावित एम्स के लिए 20 एमवीए स्थायी बिजली कनेक्शन के सथ 4-लेन रोड कनेक्टिविटी और 1.5 एमएलडी पीने के पानी की सप्लाई जैसी आवश्यकताओं की आवश्यकता पर बिहार सरकार का ध्यान आकृष्ट किया गया है।
केंद्रीय मंत्रालय ने कहा कि शोभन बायपास वाली जमीन पर बनने वाले एम्स के डिजाइन में कुछ सुधार की भी जरूरत है जिसके लिए जमीन चाहिए। उत्तर बिहार की बड़ी आबादी को हाई फाई स्वास्थ्य सेवा देने के लिए दरभंगा में एम्स प्रोजेक्ट की घोषणा 2015-16 के केंद्रीय बजट में की गई थी। लेकिन केंद्र और राज्य सरकारों के बीज जमीन और अन्य मुद्दों के कारण कई बाधाओं का सामना करना पड़ा है जिससे अभी तक दरभंगा एम्स नहीं बन पाया।
दरभंगा एम्स पहले दरभंगा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, डीएमसीएच के परिसर में बनाया जाना था। इस पर काम भी शुरू हो गया। लेकिन अचानक बिहार सरकार ने अपना इरादा बदल दिया। अप्रैल 2023 में बलिया मौजा के अंतर्गत शोभन गांव में एक नए स्थान पर जमीन देने का ऐलान नीतीश कुमार की सरकार ने कर दिया। उसके बाद इस प्रोजेक्ट पर जमकर राजनीति हुई। काफी जद्दोजहद के बाद शोभन में एम्स बनाने पर सहमति बनी तो एक बार फिर नया मामला सामने आ गया है।
दरअसल राज्य सरकार ने एम्स के लिए 150.13 एकड़ अतिक्रमण-मुक्त भूमि का आवंटन कर दिया है। लो लैंड का मामला उठाए जाने पर मिट्टी-भराव कके लिए 309 करोड़ रुपये मंजूर किए थे। हालाँकि, केंद्र सरकार ने अब भविष्य में विस्तार और विकास के लिए और अधिक जगह की आवश्यकता का हवाला देते हुए अतिरिक्त 50 एकड़ जमीन मांगी है।
इससे पूर्व बिहार सरकार ने अपनी ओर से केंद्र के साथ सहयोग करने की इच्छा व्यक्त की। 6 दिसंबर, 2023 को लिखे एक पत्र में बिहार स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने दरभंगा में एम्स परियोजना के लिए भूमि आवंटित करने की राज्य के फैसले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कुल 113.86 एकड़ सरकारी भूमि पहले ही सरकार को निःशुल्क ट्रांसफर की जा चुकी है। इसके अलावा, 36.27 एकड़ निजी भूमि का अधिग्रहण प्रोग्रेस में है। इस प्रकार, दरभंगा में एम्स के निर्माण के लिए कुल 150.13 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई जाएगी”।
इस बीच बिहार सूचना और जनसंपर्क मंत्री संजय कुमार झा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से लोगों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार हर स्थिति के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार बेसमेंट का उपयोग पार्किंग और अन्य सुविधाओं के निर्माण के लिए करना चाहती है तो राज्य सरकार मिट्टी भराई कार्य के लिए स्वीकृत राशि सीधे निर्माण एजेंसी को भेज देगी। लेकिन, यदि केंद्र शोभन की जमीन में मिट्टी भराई के लिए कहेगा तो राज्य सरकार द्वारा इसके लिए आवश्यक प्रक्रिया तुरंत शुरू कर दी जायेगी।
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