पेपर लीक मामले में नीतीश सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है। राज्य सरकार ने केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) के अध्यक्ष पद से एसके सिंघल को कार्यकाल पूरा करने से पहले ही हटा दिया है। उनके स्थान पर गृह रक्षा वाहिनी एवं अग्निशाम सेवा की महानिदेशक सह महासमादेष्टा शोभा ओहटकर को अध्यक्ष का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
गृह विभाग ने मंगलवार को इससे संबंधित अधिसूचना जारी कर दी है। सिपाही पेपर लीक मामले में नीतीश सरकार की काफी फजीहत हुई थी। समझा जा रहा है कि इसके मद्देनजर सरकार ने यह फैसला लिया है। शोभा ओहटकर 1990 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं।
एसके सिंघल डीजीपी पद से दिसंबर 2022 को सेवानिवृत्त हुए थे। इसके बाद इन्हें 21 जनवरी 2023 को तीन वर्ष के लिए पर्षद का चेयरमैन बनाया गया था। इस पद को संभालने के कुछ माह बाद ही पहली बार 21 हजार सिपाही की बहाली की प्रक्रिया शुरू की गई, लेकिन इसकी लिखित परीक्षा का प्रश्न-पत्र कई जिलों में आउट होकर वायरल हो गया। पूरे राज्य में इससे संबंधित 74 एफआईआर दर्ज की गई थी। बाद में इस मामले की जांच आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) को सौंप दी गई।
ईओयू ने मामले की समुचित जांच के लिए 7 अक्टूबर को डीआईजी मानवजीत सिंह ढिल्लो के नेतृत्व में एक एसआईटी का गठन किया है। 31 अक्टूबर को ईओयू ने इस मामले की एफआईआर दर्ज की और मामले की जांच अब तक जारी है और कई स्तर पर जांच चल रही है।
बिहार में गांव-गांव बायोफ्यूल पंप खुलेंगे। ग्रामीण सड़कों के किनारे अब गैर पारंपरिक पेट्रोल पंप…
देश के बहुचर्चित ‘जमीन के बदले नौकरी’ (Land For Job) घोटाला मामले में आज दिल्ली…
बिहार की सियासत में इन दिनों पारा चढ़ा हुआ है, जहाँ विधानसभा का हर सत्र…
बिहार विधानमंडल का बजट सत्र चल रहा है। बिहार विधानमंडल का बजट सत्र चल रहा…
सरकार ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री रोजगार सहायता योजना के तहत चयनित 25 लाख…
बिहार की राजधानी पटना के सार्वजनिक परिवहन में एक क्रांतिकारी बदलाव की तैयारी शुरू हो…