सियावर रामचंद्र की जय… बिहार के राज्यपाल ने लगवाए नारे, लोगों से की 22 जनवरी को अयोध्या पहुंचने की अपील
बिहार के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर बुधवार को एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जहानाबाद पहुंचे। ओकरी स्थित बीबीएम कॉलेज में राज्यपाल ने सभा में ही सियावर रामचंद्र की जय का लोगों से जयकारा लगवाया। इस दौरान राज्यपाल ने लोगों से अनुरोध किया कि 22 जनवरी को अयोध्या में होने वाले कार्यक्रम में सहभागी बनें। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि जो लोग वहां उस कार्यक्रम के साक्षी बनने जा रहे हैं, वह भी और जिन्हें वहां जाने का मौका नहीं मिला, वे अपने घर पर ही इस कार्यक्रम में सहभागिता निभाएं। उन्होंने कहा कि हम बिहार के लोग तो समधी की भूमिका में ही हैं।
राज्यपाल ने नई शिक्षा नीति की वकालत की और कहा कि नई शिक्षा नीति में सभी लोगों को शिक्षित करने की योजना है। कुलपतियों ने भी तमाम बाधाओं के बावजूद नई शिक्षा नीति को लागू किया है। राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा का मूल उद्देश्य व्यक्तित्व निर्माण है। व्यक्ति निर्माण से ही राष्ट्र का निर्माण होता है। शिक्षा का प्रसार जब कम होता जाता है तो समाज और देश पिछड़ता चला जाता है। समाज और राष्ट्र निर्माण के लिए शत प्रतिशत लोगों को शिक्षित होना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि महाविद्यालय की स्थापना ऐसे सुदूर ग्रामीण इलाके में किया जहां कोई उच्च शिक्षण संस्थान की कल्पना नहीं कर सकता था, वहां स्व महेंद्र प्रसाद ने जो मार्ग दिखाया है उस पर चलने की आवश्यकता है। पूरे राज्य में इस तरह के उच्च शिक्षण संस्थानों की स्थापना होनी चाहिए ताकि गांव में रहकर ही उच्च शिक्षा प्रदान किया जा सके। राज्यपाल ने कहा कि आक्रांताओं ने हमारे यहां की शिक्षा पद्धति को नष्ट किया। अंग्रेजों ने वर्ष 1813 में एक सर्वे कराया था, जिसमें भारत में 90 फीसदी साक्षरता पाई गई थी। लेकिन, उनके भारत छोड़कर जाने के बाद वर्ष 1948 में सर्वे हुआ तो साक्षरता लगभग 25% ही रह गई। शिक्षा की हमारी पद्धति को नष्ट किया गया।

उन्होंने राजनीति, उद्योग और शिक्षा के क्षेत्र में डॉक्टर महेंद्र प्रसाद की भूमिका की सराहना की और कहा कि उनका व्यक्तित्व बहु आयामी था। महेंद्र प्रसाद ने धन का समाज के लिए किया सदुपयोग राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने कहा कि डॉक्टर महेंद्र प्रसाद ने अपनी संपत्ति का समाज के लिए सदुपयोग किया। उनकी इसी महान परंपरा का अनुपालन अरिस्टो फार्मा के एमडी भोला बाबू कर रहे हैं। ऐसे युगपुरुष को समाज निरंतर याद रखता है। उन्होंने कहा कि समाज की आवश्यकता समझ उसे समृद्ध करने वाले व्यक्ति ही महापुरुष कहलाते हैं और किंग महेंद्र प्रसाद इनमें से एक थे।






