बिहारः दो दारोगा समेत 9 पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज, मछली गाड़ी से अवैध वसूली करने पर एसएसपी ने लिए कड़ा एक्शन
बिहार के पूर्णिया में गश्ती के दौरान गाड़ियों से अवैध वसूली करना पुलिस वालों को महंगा पड़ा। पुलिस अधीक्षक आमिर जावेद ने मछली गाड़ी से अवैध वसूली करने के आरोप में नौ पुलिसकर्मी के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया है। सबको तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वहीं अच्छे तरीके से ड्यूटी करने को लेकर चार पुलिसकर्मी को पुरस्कृत भी किया है। एसएसपी को थाना की गस्ती गाड़ी द्वारा मछली की गाड़ी से अवैध वसूली करने की सूचना एसपी को प्राप्त हुई थी।
इस मामले में 30 नवंबर को रात्रि गश्ती के दौरान पुलिस उपाधीक्षक यातायात कौशल किशोर कमल के द्वारा औचक निरीक्षण करवाने के क्रम में नौ (9) पुलिस कर्मियों को द्वारा अवैध वसूली करते हुए पाया गया था। बताया जाता है कि डीएसपी ने इन पुलिसकर्मियों को वसूली करते रंगे हाथो पकड़ लिया। सभी एनएच-31 पर मछली की गाड़ी से वसूली कर रहे थे। पुलिस की छवि धूमिल करने के आरोप में पुलिस कर्मियों दारोगा दिनेश चंद्र मिश्रा, सदर थाना दारोगा जितेंद्र यादव, बायसी थाना सहायक दारोगा वीरेंद्र कुमार सिंह, बायसी थाना सहायक दारोगा दिनेश यादव, सिपाही सूरज कुमार, बायसी थाना सिपाही बबलू कुमार, बायसी थाना सिपाही नीतीश कुमार, बायसी थाना सिपाही सुजीत कुमार, डगरूआ थाना डीपीसी उमेश कुमार सिंह सदर थाना को तत्काल प्रभाव से पुलिस अधीक्षक के द्वारा निलंबित कर दिया गया।

एसपी आमिर जावेद ने कहा कि चंद लोगों के ऐसे कारनामों से पुलिस डिपार्टमेंट की छवि धूमिल होती है। इन अधिकारियों और सिपाहियों के बारे में पहले से वसूली की शिकायत मिली थी। उसके आधार पर डीएसपी यातायात को मामले की छानबीन के लिए जिम्मा दिया गया था। सरप्राइज इंस्पेक्शन के दौरान यह सभी मछली करोबारी से वसूली करते पकड़े गए थे। उसके बाद एक्शन लिया गया। उन्होंने कहा कि किसी भी पुलिसकर्मी या पदाधिकारी को गलती करने पर छोड़ा नहीं जाएगा।

एसएसपी ने उन पुलिस कर्मियों को सम्मानित किया जिन्होंने फर्ज निभाने में बेहतर प्रदर्शन किया। जलालगढ़ थाना के पु0अ0नि0रोहित कुमार एवं अन्य चार कर्मी को उनकी चुस्ती-मुस्तैद के लिए सु-सेवांक से पुरस्कृत किया गया है।






