Bihar

खुशखबरी : करीब 4 लाख संविदा कर्मियों का मानदेय बढ़ाएगी राज्य सरकार

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राज्य सरकार के विभिन्न कार्यालयों में संविदा पर नियोजित कर्मियों का मानदेय और पारिश्रमिक बढे़गा। राज्य सरकार ने संविदा पर नियोजित कर्मियों के मानदेय-पारिश्रमिक के निर्धारण और पुनरीक्षण का निर्णय लिया है। इसके लिए विकास आयुक्त की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई है। कमेटी के सदस्य सचिव सभी संबंधित विभागों के प्रधान सचिव या सचिव होंगे। सामान्य प्रशासन विभाग एवं वित्त विभाग के प्रधान सचिव या सचिव भी इसके सदस्य बनाए गये हैं। आपको बता दें कि बिहार में करीब 4 लाख संविदा कर्मचारी कार्यरत हैं।

राज्य सरकार ने अपने सभी विभागों से कहा है कि मानदेय का निर्धारण आज की तारीख में उचित नहीं लग रहा तो विकास आयुक्त की अध्यक्षता वाली समिति के समक्ष इसे रखें। सोमवार को इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग के प्रधान सचिव डॉ. बी. राजेन्दर ने सभी विभागों के सचिव, पुलिस महानिदेशक, प्रमंडलीय आयुक्त और जिला पदाधिकारियों को पत्र लिखा है। पत्र में नियोजित तथा संविदाकर्मियों के मानदेय या पारिश्रमिक पुनरीक्षण के लिए विकास आयुक्त की अध्यक्षता में कमेटी गठित किये जाने की सूचना दी गई है।

बाजार दर, समकक्ष पद का वेतन तथा अन्य भत्तों को जोड़कर बनेगा आधार सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देश के अनुसार, यह समिति दो बिंदुओं पर विचार कर पारिश्रमिक का निर्धारण करेगी। इसमें पहला बिंदु बाजार दर होगी। वहीं, दूसरा बिंदु सरकार में उपलब्ध समकक्ष पद के प्रारंभिक स्तर का वेतन, महंगाई भत्ता एवं अन्य भत्तों को मिलाकर समेकित रूप से प्राप्त योगफल होगा।

विभाग ने सभी विभागीय अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव व सचिव से कहा है कि यदि नियोजित कर्मियों के मानदेय का निर्धारण उचित प्रावधान के तहत नहीं किया गया है तो अपने नियंत्रण के अधीन संविदा पर नियोजित कर्मियों के पारिश्रमिक निर्धारण-पुनरीक्षण संबंधित प्रस्ताव उक्त समिति के समक्ष विचार के लिए भेजें, ताकि इस संबंध में आगे की कार्रवाई जल्द की जाए।

2022 में सेवा पुस्तिका बनाने का हुआ था निर्णय

बिहार में कार्यरत संविदाकर्मियों की सेवा पुस्तिका बनाने का निर्णय फरवरी 2022 में हुआ था। इसमें विभागों से लेकर जिलों तक में कार्यरत संविदा कर्मियों को शामिल किया गया था। सामान्य प्रशासन विभाग ने इसका प्रारूप जारी किया था। सभी विभागों को इसे भेजा गया था। सेवापुस्तिका में संविदाकर्मियों की तमाम जानकारी शामिल करने का निर्णय हुआ था। इसमें नाम-पते के साथ नियोजन की तारीख से लेकर अवकाश तक की जानकारी दर्ज की गयी थी। सभी स्तर के नियोजित कर्मियों की सेवा पुस्तिका को संधारित करने का निर्णय हुआ था। यह पांच वर्ष पर अपडेट की जाएगी।

समाज कल्याण, स्वास्थ्य समेत कई विभागों में हैं कार्यरत

गौरतलब है कि राज्य सरकार के विभिन्न महकमों में करीब चार लाख संविदा नियोजित कर्मी कार्यरत हैँ। इनके मानदेय व पारिश्रमिक के निर्धारण और पुनरीक्षण होने से इन्हें लाभ मिलेगा। समाज कल्याण, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास सहित कई ऐसे महकमे हैं, जहां बड़ी संख्या में नियोजित संविदा कर्मी कार्यरत हैं।

Avinash Roy

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