दुनिया के शीर्ष दो प्रतिशत वैज्ञानिकों में बिहार का जलवा, IIT पटना के 14 तो NIT के 6 टीचर ने बनाई जगह
अमेरिका की स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की ओर से जारी दुनिया भर में शीर्ष दो प्रतिशत विज्ञानियों में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) व राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) के 22 प्राध्यापक व रिसर्च स्कॉलर शामिल हुए हैं।
इसमें आईआईटी पटना के 14 प्राध्यापक व एनआईटी पटना के छह प्राध्यापक व दो रिसर्च स्कालर शामिल हैं। आईआईटी पटना के 14 में 11 प्रोफेसर पिछली बार भी दुनिया के दो प्रतिशत विज्ञानी की सूची में शामिल हुए थे।

इन वैज्ञानिकों को किया गया शामिल
इस बार निदेशक प्रो. टीएन सिंह (सिविल एंड एनवायरनमेंटल इंजीनियरिंग), मैकेनिकल इंजीनियरिंग के प्रो. मनबेंद्र पाठक व इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के डॉ. जगन्नाथ मलिक को भी स्थान मिला है।
इसके अतिरिक्त दो प्रतिशत विज्ञानियों की सूची में आईआईटी पटना के डॉ. रिचा चौधरी (सामाजिक विज्ञान), डॉ. सुरजीत कुमार पाल (मैकेनिकल इंजीनियरिंग), डॉ. प्रतिभामोय दास (गणित), डॉ. श्रीपर्णा साहा व डॉ. आसिफ इकबाल (कंप्यूटर विज्ञान और इंजीनियरिंग) शामिल हैं।

इसके अलावा, आईआईटी पटना के ही डॉ. अनिर्बान भट्टाचार्या (मैकेनिकल), डॉ. अमरनाथ हेगड़े (सिविल इंजीनियरिंग), प्रो नवीन कुमार निश्चल (भौतिकी), डॉ. उदित सतीजा, डॉ. रंजन कुमार बेहरा व डॉ. महेश कुमार एच कोलेकर (इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग) शामिल हैं।
इससे पहले पिछली बार 2021 में भी आईआईटी पटना के 13 प्रोफेसर इस सूची में शामिल हुए थे। इनमें से 11 लोग 2021 व 2022 में भी शामिल हुए थे।

एनआईटी से आठ प्राध्यापकों व स्कालरों को मिला स्थान
एनआईटी पटना से आठ प्राध्यापकों व स्कालरों को स्थान मिला है। इसमें प्रो. पीजस सैम्मुअल, प्रो. अमित कुमार सिंह, प्रो. आशिष कुमार भंडारी, प्रो. ज्योति प्रकाश सिंह, प्रो. जितेंद्र बहादुर मौर्या, प्रो. गौरव, स्कालर राहुल प्रियदर्शी व स्कालर मुस्तफा समीर शीर्ष दो प्रतिशत विज्ञानियों में शामिल हैं।

हर साल जारी होती है टॉप- 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों की लिस्ट
अमेरिका की स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी हर साल दुनिया भर के शीर्ष दो प्रतिशत शोधकर्ताओं के लिए उनके शोध प्रकाशनों के आधार पर डेटा जारी करता है। ये डेटा एल्सेवियर के प्रकाशक की ओर से प्रकाशित किए जाते हैं।
फील्ड और सबफील्ड-विशिष्ट पर्सेंटाइल उन सभी विज्ञानियों के लिए भी प्रदान किए जाते हैं, जिन्होंने कम से कम शोध में पांच पेपर प्रकाशित किए हैं।

आईआईटी के निदेशक प्रो. टीएन सिंह व एनआईटी पटना के निदेशक प्रो. पीके जैन ने इस उपलब्धि के लिए प्रोफेसर व रिसर्च स्कालर्स को बधाई दी है।


