दरभंगा एम्स को लेकर बिहार की राजनीति गहराती जा रही है। इस बीच दरभंगा एम्स नहीं बनने पर सांसद गोपाल जी ठाकुर बिहार सरकार को घेरना चाह रहे है। ऐसे में वह 2 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठेंगे। इस संबंध में दरभंगा सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने कहा कि आगामी 2 अक्टूबर (गांधी जयंती) से बिहार सरकार के एम्स विरोधी मानसिकता, वादाखिलाफी, दरभंगा एम्स हेतु अबतक उपयुक्त जमीन उपलब्ध नहीं कराने, बार बार स्थल बदलने तथा एम्स निर्माण में जानबूझकर राजनीति करते हुए बाधा उत्पन्न करने के विरूद्ध अनिश्चितकालीन अनशन को लेकर प्रेस वार्ता की।
उन्होंने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बीते आठ वर्षों से अधिक समय से आठ करोड़ मिथिला वासी को एम्स के नाम पर दिग्भ्रमित कर ठगने एवं गुमराह करने का कार्य कर रहे है। 8 साल से अधिक समय बीत जाने के बावजूद बिहार सरकार द्वारा दरभंगा एम्स निर्माण के लिए 200 एकड़ उपयुक्त जमीन उपलब्ध नहीं कराया गया है।
सांसद डॉ. ठाकुर ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार द्वारा 2015-16 के आम बजट में बिहार के दूसरे एम्स की घोषणा की गई, इसके निमित 15 सितंबर 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्रीय कैबिनेट से दरभंगा में 1264 करोड़ की लागत से 750 बेड वाले एम्स स्थापना को स्वीकृति दी गई। उन्होंने कहा कि वाबजूद इसके बिहार सरकार आजतक एम्स निर्माण को लेकर उपयुक्त जमीन नही देकर अपना एम्स विरोधी मानसिकता को उजागर कर चुकी है।
सांसद ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में बिहार सरकार द्वारा दिनांक 3 नवंबर 2021 को डीएमसीएच की 200 एकड़ जमीन पर दरभंगा एम्स निर्माण हेतु, राज्य कैबिनेट से स्वीकृति दी गई एवं प्रथम फेज में दिनांक 6 सितंबर 2022 को 81 एकड़ जमीन भौतिक रूप से दरभंगा एम्स को हस्तांतरित कर दिया गया था, जहां मिट्टी भराई, समतलीकरण और ध्वस्तीकरण का कार्य भी पूर्ण हो गया था।
उन्होंने कहा कि एम्स का निर्माण कार्य शुरू होने के ठीक पहले मेडिकल माफिया एवं भू माफिया के दवाब तथा डीएमसीएच के 73 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा किए हुए अतिक्रमणकारियों को संरक्षण देते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा पहले मौखिक रूप से स्थल बदलने की घोषणा की गई तथा 6 मार्च 2023 को स्वयं की अध्यक्षता में राज्य कैबिनेट के माध्यम से, अपने दो वर्ष पूर्व के राज्य कैबिनेट से स्वीकृति 200 एकड़ भूमि के हस्तांतरण के निर्णय व राज्यादेश को निरस्त करते हुए आठ करोड़ मिथिलावासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा से वंचित रखने का घिनौना कार्य कर रही है।
सांसद ने कहा कि दरभंगा एम्स स्थापना हेतु बिहार सरकार द्वारा 200 एकड़ भार मुक्त जमीन, पानी, बिजली, सीवरेज सहित अन्य बुनियादी सुविधा की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु केन्द्र सरकार को आधिकारिक रूप से सहमति दिया गया था, जबकि इसके बावजूद राज्य सरकार द्वारा दिनांक 6 मार्च 2023 को स्थल परिवर्तन को लेकर किए गए नये राज्य कैबिनेट में कागज पर मात्र 113 एकड़ जमीन के प्रस्ताव की स्वीकृति देकर दरभंगा एम्स को ठंडे बस्ते में डाल दिया है और लोगों के बीच 150 एकड़ जमीन देने का गलत तथ्य पेश कर गुमराह करने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार के नए जमीन के प्रस्ताव आलोक में केंद्र की टेक्निकल टीम द्वारा उक्त स्थल का निरीक्षण किया गया था।
सांसद ने कहा कि केंद्र की टेक्निकल टीम से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर स्वास्थ्य सचिव, भारत सरकार द्वारा उक्त स्थल पर एम्स निर्माण के दौरान उत्पन्न होने वाली कई तकनीकी कठिनाइयों का उल्लेख करते हुए बिहार सरकार को दिनांक 26 मई 2023 को पत्र भेजा गया था। उन्होंने कहा कि उक्त पत्र में वर्णित तकनीकी समस्या के आलोक में राज्य सरकार द्वारा आज तक कोई जवाब केंद्र को नहीं दिया है।
सांसद गोपाल जी ठाकुर ने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शोभन के 30-40 फीट गड्ढे वाली जमीन पर एम्स निर्माण को लेकर अड़े हुए है, जबकि राज्य सरकार द्वारा आजतक उक्त जमीन का सीमांकन तक नहीं कराया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को यहां 36 एकड़ रैयती जमीन का अधिग्रहण भी करना था, जो कि आज तक नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य कैबिनेट के लगभग सात महीना बीत जाने के वाबजूद इस गड्ढे वाली जमीन में एक मिट्टी का ढेला भी नहीं गिराया गया है और इनके मंत्री, प्रवक्ता और नेता लोगों के बीच गलत तथ्य पेश कर लोगों को बरगलाने में लगे है।
सांसद ने कहा कि दरभंगा एम्स निर्माण को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी की मंशा साफ नहीं है, वह बिहार में दूसरे एम्स की स्थापना नहीं चाह रहे है। अपने ही अध्यक्षता में किए गए राज्य कैबिनेट को गलत साबित करवाते हुए बीते दिनों इनके इशारा पर महागठबंधन सरकार के 20 सांसदों ने एम्स निर्माण हेतु दिए गए नये जमीन को अनुपयुक्त बताते हुए इसे अन्यत्र शिफ्ट करने हेतु प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया को ज्ञापन दिए है। उन्होंने कहा कि यह पूरा कृत्य मुख्यमंत्री और महागठबंधन सरकार का कौन सा दोहरा चरित्र है, यह मिथिला की 8 करोड़ जनता तय करेगी।
सांसद डॉ. ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में लगभग 15 नए एम्स का स्थापना किया गया है और पीएम दरभंगा एम्स को लेकर काफी गंभीर है, परंतु राज्य सरकार द्वारा 200 एकड़ उपयुक्त जमीन नहीं देने के कारण एम्स निर्माण अधर में लटका हुआ है। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार दरभंगा एम्स को लेकर सिर्फ और सिर्फ कुचक्र रच रही है। बिहार सरकार दरभंगा एम्स निर्माण हेतु एक तय समय सीमा के भीतर 200 एकड़ उपयुक्त जमीन सहित अन्य मूलभूत सुविधा मुहैया करवाए और दरभंगा एम्स पर राजनीति छोड़ एम्स निर्माण में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि वह बिहार सरकार को अब मिथिला की आठ करोड़ जनता को ठगने नही देंगे, बिहार सरकार दरभंगा एम्स निर्माण के लिए उपयुक्त जमीन तय समय सीमा के भीतर उपलब्ध कराएं इसको लेकर 2 अक्टूबर (गांधी जयंती) से अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठेंगे।
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