बिहार में जाति आधारित गणना को लेकर घर-घर सर्वेक्षण का काम पूरा हो चुका है। सर्वे में एकत्र डाटा के एंट्री में प्रगणकों को परेशानी आ रही है। पिछले दो दिनों से कभी इंटरनेट तो कभी सर्वर में दिक्कत आ रही है। एक बार लिंक फेल होने पर अपलोड डाटा की पुन एंट्री करनी पड़ रही है। इससे जातिगत गणना के काम में देरी हो रही है।
एक प्रगणक के अनुसार, सुबह सात बजे से बैठे-बैठे डाटा एंट्री का काम पूरा करने में शाम के सात बज जा रहे हैं। कोर्ट की रोक से पहले जिन प्रगणकों की एंट्री को पर्यवेक्षक ने स्वीकृत नहीं किया था उनका डाटा ऐप पर नहीं दिख रहा है। यह समस्या खगड़िया के अतिरिक्त पटना, भोजपुर और अन्य जिलों में भी सामने आई है। पर्यवेक्षक (सुपरवाइजर) द्वारा ओके किए जाने के बाद ही एंट्री पूरी होती है।
बेल्ट्रान के सूत्रों ने माना कि मंगलवार से जातीय गणना को लेकर मुख्यालय स्तर पर बनाए गए डेडिकेटेड सर्वर में परेशानी आ रही है। बीएसएनएल ने राज्य के 745 केंद्रों में इंटरनेट की सुविधा दी है। इनमें कनेक्शन एवं स्पीड को लेकर समस्या हो रही है। यह समस्या 2-3 दिन में दूर हो जाएगी। डेडिकेटेड सर्वर की खामी को अगले 24 घंटे में दूर कर लिया जाएगा। इसके लिए अतिरिक्त सर्वर की सुविधा है। विशेषज्ञ सर्वर पर लोड को संभालने में जुटे हुए हैं।
जाति आधारित गणना के लिए डेडिकेटेड सर्वर होने के कारण प्रखंड स्तर पर होने वाले अन्य कार्यो जैसे जाति, आय, आवासीय प्रमाण-पत्रों के कार्यो में कोई परेशानी नहीं है। इनके लिए अलग से सुविधा है। राज्य में प्रतिदिन दो-दो लाख से अधिक प्रमाण पत्र विभिन्न सेंटरों से जारी किए जा रहे हैं।
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