लोक जनशक्ति पार्टी के संस्थापक रामविलास पासवान की पत्नी और पार्टी के एक धड़े लोजपा-रामविलास के अध्यक्ष चिराग पासवान की मां रीना पासवान क्या अनुसूचित जाति के कैंडिडेट के लिए आरक्षित यानी एससी रिजर्व हाजीपुर लोकसभा सीट से 2024 का चुनाव लड़ सकती हैं? ये सवाल 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले भी उठा था जब खुद रामविलास पासवान ने लोकसभा के बदले राज्यसभा का मन बना लिया था। तब उनके भाई पशुपति कुमार पारस हाजीपुर से लड़े और जीते थे।
दो बार जमुई लोकसभा सीट से सांसद चिराग पासवान अब हाजीपुर से खुद लड़ने की बात करते-करते अचानक मां रीना पासवान के लड़ने की बात करने लगे हैं। ऐसे में फिर से 2019 वाला सवाल उठ खड़ा हुआ है कि क्या चिराग पासवान की मां रीना पासवान एससी रिजर्व हाजीपुर सीट से चुनाव लड़ भी सकती हैं या नहीं?
अंग्रेजी अखबार द इंडियन एक्सप्रेस को जुलाई की शुरुआत में दिए एक इंटरव्यू में चिराग पासवान ने कहा है कि वो चाहते हैं कि हाजीपुर सीट से उनकी मां रीना पासवान चुनाव लड़ें। चिराग ने ये भी कहा कि 2019 के चुनाव में उनके पिता रामविलास पासवान की पहली पसंद रीना पासवान ही थीं लेकिन खुद रीना ने मना कर दिया।
इंटरव्यू में चिराग पासवान ने ये साफ-साफ कहा कि हाजीपुर को उनके पिता रामविलास पासवान ने वर्षों से सींचा है इसलिए इस सीट को लोजपा-रामविलास जाने नहीं देगी। चिराग पासवान खुद हाजीपुर से लड़ें इसमें कोई किंतु-परंतु नहीं है लेकिन उनकी मां रीना पासवान लड़ सकती हैं या नहीं, इसको लेकर शुरू से सस्पेंस रहा है। जब-जब रीना पासवान के हाजीपुर से लड़ने की बात उठती है तो साथ में उनकी जाति की चर्चा शुरू हो जाती है।
रीना पासवान की जाति को लेकर कहीं भी कुछ साफ-साफ नहीं मिलता है। रीना पासवान की जाति पासवान परिवार को ही पता होगा जिसका इजहार कभी किया नहीं गया है। खबरों में रीना पासवान को लेकर दो तरह की कहानियां मिलती हैं। एक कहानी है कि रीना पासवान का नाम पहले रीना शर्मा था और वो एयर होस्टेस थीं। रामविलास पासवान से शादी के बाद वो रीना पासवान हो गईं। इन खबरों में रीना पासवान को जन्म से ब्राह्मण बताया जाता है। दूसरी कहानी है कि रीना पासवान का पहला नाम अविनाश कौर था और शादी के बाद उन्होंने मौजूदा नाम रखा। अविनाश कौर केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय में डिप्टी डायरेक्टर गुरबचन सिंह की बेटी थीं और रामविलास पासवान के साथ उनकी करीबी थी जो बाद में रिश्तेदारी में बदल गई। गुरबचन सिंह के बारे में कहा जाता है कि वो पंजाब की उस जाति से थे जो वहां एससी है।
एससी सीट से कौन नहीं लड़ सकता है इस सवाल के साथ जब पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी से बात की गई तो उनका जवाब था कि जाति जन्म से तय होती है। अगर कैंडिडेट जन्म से एससी है तो वो लड़ सकता है। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रहे सीनियर वकील विकास सिंह कहते हैं कि ब्राह्मण के घर पैदा होने वाला आदमी अनुसूचित जाति में शादी करके चुनाव के लिए एससी आरक्षण का लाभ नहीं ले सकता। सुप्रीम कोर्ट के वकील विनीत कुमार ने इसी सवाल पर कहा कि एससी जाति में शादी से पैदा होने वाले बच्चे को एससी आरक्षण का लाभ मिल सकता है लेकिन पत्नी को नहीं।
लेकिन चिराग पासवान अगर इंटरव्यू में कह रहे हैं कि उनकी इच्छा है कि इस बार हाजीपुर सीट से मां रीना पासवान लड़ें तो उनको जरूर पता होगा कि उनकी मां एससी रिजर्व सीट से लड़ सकती हैं। अब जब तक रीना पासवान हाजीपुर से लड़ नहीं जातीं, तब तक एससी रिजर्व सीट से लड़ने की उनकी योग्यता पर चर्चा खत्म नहीं होगी।
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