देश के राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने एक बार कहा था कि सपने वे नहीं हैं जो हम नींद में देखते हैं। उन्होंने कहा था कि सपने वह है जो हमें नींद में जाने नहीं देते। हमें सोने नहीं देते। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने प्रधानमंत्री रहते एक सपना देखा था कि उनके शासनकाल में देश की नदियां आपस में जुड़ जाएं। देश के पूर्व राष्ट्रपति और पूर्व प्रधानमंत्री का ये सपना अधूरा रह गया। यहां तक की 2012 में नदियों को जोड़ने का मसला राष्ट्रीय प्रोजेक्ट में चयनित भी हुआ। यूपी शासनकाल में इस पर ध्यान नहीं दिया गया। केंद्र में बीजेपी की सरकार आने के बाद अटल-कलाम के इस सपने को पूरा करने की कोशिश तेज की गई। जिसका उद्देश्य है सूखे और बाढ़ की समस्या से निजात।
केंद्र भले अटल-कलाम के सपने पर काम कर रही हो। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अटल बिहारी वाजपेयी के सपने को पूरा करने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। बिहार के सीतामढ़ी से सटे सूबे के सबसे छोटे जिले शिवहर में बागमती बूढ़ी गंडक नदी जोड़ने की योजना को राज्य सरकार से मंजूरी मिल गई है। इतना ही नहीं, सरकार इसके लिए 131 करोड़ रुपये खर्च की स्वीकृति भी दे दी है। उक्त योजना पूरा होने के बाद किसानों के एक बड़े वर्ग के लिए सिंचाई की सुविधा सुलभ और आसान हो जाएगी। किसान खुशहाल होंगे और उनका जीवन स्तर बेहतर होगा। नदी जोड़ वाली यह योजना हजारों किसानों के लिए वरदान की तरह साबित होगा। योजना का प्रत्यक्ष लाभ चार जिलों को मिलेगा।
सीएम नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को पटना में संपन्न कैबिनेट की बैठक में विभिन्न विभागों के प्रस्तावों के साथ ही जल संसाधन विभाग की शिवहर के पिपराही प्रखंड अंतर्गत बागमती-बूढ़ी गंडक नदी जोड़ योजना (बलवा धार) के अंतर्गत बेलवा-मीनापुर लिंक चैनल निर्माण कार्य को भी स्वीकृत किया गया।
इसके साथ ही इस योजना का काम शीघ्र धरातल पर प्रारंभ करने के लिए 131 करोड़ रुपये को स्वीकृति भी प्रदान की गई है। राज्य सरकार के इस निर्णय से विशेषकर शिवहर जिले के लोगों में खुशी की लहर है। इस वर्ष शिवहर जिला को एक तरह से दूसरा सबसे बड़ा सरकारी तोहफा मिला है। इससे पहले केंद्र सरकार से सीतामढ़ी – शिवहर रेल लाइन परियोजना की स्वीकृति मिली थी। इसे जिला के लोगों ने एक बड़ी जीत माना था। नदी जोड़ योजना दूसरी उपलब्धि मानी जा रही है।
बताया गया है कि बेलवा-मीनापुर लिंक चैनल का काम पूरा होने के बाद शिवहर जिला के आलावा मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण एवं समस्तीपुर जिला के किसानों को सिंचाई सुविधा का लाभ मिलेगा। साथ ही बाढ़ से हर वर्ष होने वाली फसलों की क्षति से मुक्ति मिलेगी। 68.80 किलोमीटर लंबे इस लिंक चैनल के निर्माण के बाद करीब दर्जन भर पुल – पुलियों को हटाया जायेगा, तो दर्जन भर नये निर्माण कराये जायेंगे।
बताया गया है कि सिंचाई के आलावा मत्स्य पालकों को भी काफी लाभ मिलेगा। योजना का लाभ पूर्वी चंपारण जिले के पताही व पकड़ीदयाल समेत पांच प्रखंडों, मुजफ्फरपुर जिले के मीनापुर, गाय घाट व मुसहरी प्रखंड, शिवहर जिला के चार प्रखंडों के आलावा समस्तीपुर जिले के एक प्रखंड कल्याणपुर के किसानों को भरपूर सिंचाई की सुविधा मिलेगी। एक अनुमान के मुताबिक 1.35 लाख हेक्टेयर खेत को आसानी से सिंचाई सुविधा मिलेगी।
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