पटना जू (Patna Zoo) में रोजाना लोग भारी संख्या में पहुंचते हैं और उनके आकर्षण का केंद्र बनती है बाघिन संगीता और उनके शावक. लेकिन अब संगिता के चारो शावकों को आप नहीं देख सकेंगे. दरअसल चार शावकों में एक मगध अब इस दुनिया में नहीं रहा. उसकी मौत हो गयी. मगध यहां सफेद रंग का एक नर शावक था. सेहत खराब रहने के बाद उसकी मौत की बात सामने आ रही है.
बाघिन संगीता के चार शावकों में एक मगध की शरारतें अब पटना जू में लोगों को देखने को नहीं मिलेगा. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मगध अस्वस्थ चल रहा था और उसके लंग्स में इनफेक्शन की बात सामने आई थी. बता दें कि इन चार शावकों का जन्म पटना जू ही बीते साल 25 मई को हुआ था. महज 8 महीने में ही शावक मगध की मौत हो गयी.
बता दें कि बाघिन संगीता के 4 बच्चे थे. इन चारो शावकों का नामकरण बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया था. सीएम ने ही इस सफेद रंग के नर शावक को मगध नाम दिया था. वहीं अन्य शावकों का नाम केसरी और विक्रम जबकि एक मादा शावक का नाम रानी रखा गया था. चिड़ियाघर में सबके नाम का डिस्पले लगा दिया गया था जिससे लोग इन्हें देख और पहचान जाते थे.
बता दें कि पटना जू में चार बाघिन पर केवल एक ही नर बाघ है. जिस मगध की मौत हुई है उसकी मां संगीता है जिसे 2014 में चेन्नई में जन्म हुआ और 2019 में उसे पटना जू लाया गया था. नकुल पटना जू का एकमात्र नर बाघ है.
नकुल और संगीता से ही शावक मगध का जन्म हुआ था. बिहार के वन एवं पर्यावरण मंत्री तेज प्रताप यादव नेमंत्री पद संभालने के बाद सभी शावकों की देखभाल सही से करने की हिदायत दी थी. वहीं पूर्व मंत्री ने तब कहा था कि चारो शावक जन्म के बाद बच गये ये सौभाग्य की बात है. बाघ के बच्चे जब जन्म लेते हैं तो कम केस में सभी बच पाते हैं.
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