बिहार का दूसरा एम्स दरभंगा में बनने जा रहा है. राज्य सरकार इसके लिए अब तक जमीन क्लीयर नहीं कर सकी है, लेकिन केंद्र सरकार ने यह क्लीयर कर दिया है कि सबकुछ ठीक रहा तो दरभंगा एम्स में इसी सत्र से पढ़ाई शुरू कर दी जायेगी. इसके लिए दरभंगा एम्स के निदेशक डॉ माध्यानंद कार ने प्रयास शुरू कर दिया है. बताया जाता है कि छात्रों की पढ़ाई आदि के लिए शहर के तीन भवनों को देखा गया है.
इसमें बेला पैलेस, निर्माणाधीन सदर हॉस्पिटल और डीएमसीएच परिसर का सुपर स्पेशलिटी अस्पताल शामिल है. एम्स के निदेशक डॉ माध्यानंद कार ने बेला पैलेस स्थित पोस्टल ट्रेनिंग सेंटर (पीटीसी) के प्रबंधन को जगह देने के लिए एक पत्र लिखा है. कार ने कहा कि अब तक उधर से जवाब नहीं आया है, लेकिन उम्मीद की जा रही है कि हम जल्द जगह सुनिश्चत कर लेंगे. उन्होंने कहा कि हमारे पास वक्त की कमी है और सदर अस्पताल व सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में अभी निर्माण चल रहा है. वहां छात्रों की पढ़ाई अभी संभव नहीं है.
इधर, जमीन को लेकर केंद्र और राज्य के बीच अब तक सहमति नहीं बन पायी है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने साफ शब्दों में कह दिया कि एम्स के लिए जमीन दूसरी जगह दी जायेगी, लेकिन नीतीश कुमार के बयान के बाद केंद्र सरकार को अब तक नयी जमीन हस्तानांतरित नहीं की गयी है, बल्कि डीएमसीएच परिसर में एम्स निर्माण के लिए जो जमीन हस्तानांतरित की गयी थी उसपर चल रही गतिविधियों को भी पूरी तरह से बंद कर दिया गया है.
एम्स के निदेशक भी बताते हैं कि जमीन को लेकर अभी कुछ भी साफ नहीं है. राज्य सरकार नयी जगह शोभन में जमीन अधिग्रहण को लेकर बात कह रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर अब तक विधिवत कार्रवाई प्रारंभ नहीं हुई है. चालू माह में कार्यालय प्रारंभ होते ही एमबीबीएस की 50 सीट पर पढ़ाई शुरू करने को लेकर कवायद और तेज हो जाएगी. इससे पहले निरीक्षण को लेकर केंद्रीय टीम यहा आयेगी. छात्रों की पढ़ाई के लिए जगह चयनित किये जाने की कोशिश चल रही है.
दरभंगा एम्स में किसी हाल में इस सत्र से पढ़ाई शुरू करने की बात कही जा रही है. केंद्रीय बजट में भी दरभंगा एम्स निर्माण को लेकर पैसा आवंटित कर दिया गया है. ऐसे में एम्स की 50 सीटों पर छात्रों के नामांकन को लेकर गतिविधि तेज हो गयी है.
इधर, डीआइजी कार्यालय में एम्स का ऑफिस खुल रहा है. 26 जनवरी को वसंत पंचमी के दिन ऑफिस में पूजा-पाठ किया जा चुका है. निदेशक डॉ माधवानंद कार भी पूजा में शामिल हुए. कार्यालय में फर्नीचर व मैनपावर डिप्लॉयमेंट की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. व्यवस्थित हो जाने के बाद फरवरी माह के अंत तक ऑफिस में काम काज शुरू हो जाने की संभावना है. एम्स के निदेशक के तौर पर डॉ माधवानंद कार ने जून 2022 में पद संभाला था. कार्यालय खुलने में करीब आठ माह का समय लग गया.
बिहार में निगरानी विभाग (Vigilance Department) ने भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की…
समस्तीपुर : जिले में मॉडिफाइड मोटरसाइकिलों, तेज आवाज वाले साइलेंसर और ताजपुर - बख्तियारपुर फोरलेन…
समस्तीपुर : समता पार्टी के संस्थापक सदस्य रहे शहीद प्रदीप महतो की 30वीं शहादत दिवस…
समस्तीपुर : समस्तीपुर जिले के सरायरंजन प्रखंड स्थित श्री राम जानकी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल…
समस्तीपुर/कल्याणपुर : कल्याणपुर थाना क्षेत्र के एक गांव से 22 वर्षीया एक युवती के कथित…
समस्तीपुर : दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के उम्मीदवार एवं होली मिशन ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के…