कुढ़नी विधानसभा का उपचुनाव हारने के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार चौतरफा घिरते नजर आ रहे हैं..विपक्षी BJP के साथ ही सहयोगी कांग्रेस, हम और आरजेडी के नेता भी तंज कसते हुए कई तरह के सवाल उठा रहें हैं.
पूर्व डिप्टी सीएम सह बीजेपी सांसद सुशील मोदी के बाद कुढ़नी के पूर्व आरजेडी विधायक अनिल सहनी ने भी सीएम नीतीश कुमार से इस्तीफा मांगा है. पूर्व विधायक अऩिल सहनी ने कहा कि कुढ़नी की हार नीतीश कुमार की हार है.उनको नैतिकता कर आधार पर जल्द इस्तीफा देनी चाहिए और तेजस्वी यादव को सीएम बनाना चाहिए. कुढनी के अति पिछड़ा समाज ने अति पिछड़ा को अपना प्रतिनिधि चुना है..और नीतीश कुमार से अति पिछड़ा वोट अलग हो गया है.
इससे पहले कांग्रेस विधायक दल के नेता अजीत शर्मा ने शराबबंदी कानून को कुढ़नी की हार के लिए जिम्मेदार ठहराया था जबकि हम नेता दानिश रिजवान ने महागठबंधन में कॉर्डिनेशन कमिटि बनाने की मांग फिर से कर दी है. वामपंथी नेता पहले से ही नीतीश कुमार की पुलिस एवं अन्य विभाग के अधिकारियों पर मनमाने तरीके से काम करने की शिकायत कर चुके हैं.
वहीं कुढ़नी चुनाव में हार के लिए चौतरफ दवाब झेल रही जेडीयू के नेता भी पलटवार करते नजर आ रहें हैं.जेडीयू प्रवक्ता सुनील कुमार ने आरजेडी के पूर्व विधायक अनिल सहनी को नसीहत देते हुए कहा कि वे क्या बोलते है ..यह उनकी निजी राय है। उनका बयान आरजेडी का आधिकारिक बयान नहीं है. कुढ़नी हार की समीक्षा होगी.. हर मुद्दे पर चर्चा होगी या फिर कहां चूक हुई है, इसमें किसकी गलती है .इस पर चर्चा की जाएगी. सहयोगी दलों के कोर्डिनेशन कमेटी की मांग को लेकर भी जेडीयू ने शीर्ष नेतृत्व का फैसला करार दिया है. उन्होंने कहा कि इस पर हमारे शीर्ष नेता ही पहल कर सकते हैं.
वही कांग्रेस नेता अजीत शर्मा के चुनावी हार में शराबबंदी को एक बड़ा फैक्टर करार देने पर जेडीयू नेता ने कहा कि शराबबन्दी से हार नहीं हुई है बल्कि इससे लोगों को काफी फायदा हुआ है. काफी संख्या में महिलाओं ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के काम की सराहना की है. इसलिए बाकी कौन क्या बोल रहे हैं… इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है.
बताते चलें कि कुढ़नी हार के बाद विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजय सिन्हा ने भी नीतीश सरकार पर जोरदार हमला किया है. विजय सिन्हा ने कहा कि सीएम और डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव 4 हेलीकॉप्टर से प्रचार-प्रसार किया ..लेकिन जनता ने इन लोगों को नकार दिया है. आने वाले 2024 के लोकसभा चुनाव और 2025 के विधानसभा चुनाव में महागठबंधन की हवा कुढ़नी की तरह ही निकल जाएगी. इस बार के उपचुनाव में 7 दलों के गठबंधन के साथ-साथ सरकार से भी हम सभी की लड़ाई थी. जिसमें हम सभी ने जीत हासिल की है. जीविका दीदी और प्रशासन की मिलीभगत से लगातार माहौल बनाने की कोशिश की गई लेकिन बिहार की जनता अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से ऊब गई है. अब उनको नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देनी चाहिए और विधानसभा भंग कराकर जनता के बीच जाकर चुनाव करानी चाहिए. जनता ने जनादेश के अपमान का बदला लिया है.
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