धान खरीदः सभी मिलों को नहीं दिया जाएगा धान, जिलों के लिए अलग-अलग टारगेट; CM नीतीश ने दिए कई निर्देश

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बिहार में धान खरीद का जिलावार लक्ष्य तय होगा। इसको लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पदाधिकारियों से कहा कि धान के उत्पादन का ठीक से आकलन करा लें और इसी के अनुसार हर जिले के लिए धान की खरीद का लक्ष्य निर्धारित करें। मुख्यमंत्री ने एक अणे मार्ग में धान खरीद को लेकर समीक्षा बैठक की और पदाधिकारियों को कई निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक में कहा कि सरकार किसानों की हर संभव सहायता के लिए पूरी तरह से तत्पर है। इस बार कम बारिश के कारण 11 जिलों में सूखे की स्थिति उत्पन्न हुई। हमने विभिन्न जिलों का हवाई सर्वे भी किया था। सूखाग्रस्त जिलों के प्रभावित किसानों को सभी प्रकार के राहत दिये गये।

उसना चावल मिल मालिकों को ज्यादा से ज्यादा जोड़ें
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में उसना चावल खानेवालों की संख्या अधिक है। इसको लेकर उसना चावल के मिलों की संख्या और बढ़ाएं। उसना मिल मालिकों के साथ इसको लेकर बैठक करें। उन्हीं मिल मालिकों को धान खरीद से जोड़ें जो ज्यादा-से-ज्यादा उसना चावल उपलब्ध कराएं। धान उन्हीं मीलरों को दें, जो उसना चावल दे सकें। धान खरीद बेहतर ढंग से करें, ताकि किसानों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं हो।
2040 रुपये इस बार तय हुआ है धान का समर्थन मूल्य
बैठक में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव विनय कुमार ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से खरीफ विपणन 2022-23 के तहत धान खरीद की प्रस्तावित अवधि एवं खरीद के लक्ष्य के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस बार धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2040 रुपये प्रति क्विंटल रखा गया है। चरणबद्ध तरीके से धान खरीद प्रक्रिया शुरू की गई है।
उन्होंने धान के अनुमानित उत्पादन के आधार पर खरीद के लिए जिलावार निर्धारित लक्ष्य, समितियों के चयन और उसकी क्रियाशीलता, सहकारी समितियों की भंडारण क्षमता, इच्छुक किसानों की अपडेट आवेदनों की संख्या और अन्य संबंधित जानकारी भी दी। कृषि विभाग के सचिव एन सरवन कुमार ने अनुमानित धन उत्पादन के संबंध में जानकारी दी। सहकारिता विभाग की सचिव वंदना प्रेयसी ने धान खरीद कार्यों की जानकारी दी।

पराली जलाने पर रोक
उन्होंने यह भी कहा कि किसानों को पराली नहीं जलाने के लिए प्रेरित करें। अधिकारी फील्ड में जाकर किसानों के बीच प्रचार-प्रसार कराएं। किसानों को पराली जलाने के नुकसान के संबंध में बताएं। पराली जलाने से वातावरण खराब हो रहा है, इसको लेकर सभी लोग सतर्क रहें। बैठक में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री लेशी सिंह, सहकारिता मंत्री सुरेंद्र प्रसाद यादव, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव आमिर सुबहानी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, निदेशक कृषि आदित्य प्रकाश, निबंधक सहयोग समितियां वैद्यनाथ यादव आदि उपस्थित थे।






