लगातार मिल रही शिकायतों के बाद बिहार में आंगनबड़ी सेविका और सहायिका के चयन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। सेविका के लिए न्यूनतम योग्यता इंटर या समकक्ष व आंगनबाड़ी सहायिका के लिए मैट्रिक होगा। पहले यह क्रमश मैट्रिक और 8वीं पास था। सीएम नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में इसकी स्वीकृति दी गई।
कैबिनेट के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ ने बताया कि नियुक्ति के लिए जिला स्तर पर ऑनलाइन आवेदन लिये जाएंगे। इसके पहले विज्ञापन जारी होगा। आवेदनों की जांच संबंधित जिले के उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में गठित कमेटी करेगी और मेधा सूची बनाएगी। सर्वोच्च डिग्रीधारी अभ्यर्थियों को पहले मौका दिया जाएगा। अगर दो अभ्यर्थियों की शैक्षणिक योग्यता समान होगी तो मेधाअंकों के आधार पर चयन होगा। आपत्ति दर्ज कराने के लिए समय दिया जाएगा। आपत्तियां दूर करने के बाद फाइनल सूची बनेगी। फाइनल सूची के आधार पर आमसभा की बैठक में चयनित को नियुक्त किया जाएगा। डीएम और फिर आयुक्त के पास अपील का भी प्रावधान होगा। इसके लिए सेविका-सहायिका चयन मार्गदर्शिका-2022 की मंजूरी दी गई है। सेविका व सहायिका के लिए उसी वार्ड का होना अनिवार्य होगा।
पॉक्सो एक्ट के तहत 54 विशेष न्यायालय गठित किए जाएंगे
राज्य के न्यायालयों में दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत दायर वादों के त्वरित निष्पादन के लिए 54 विशेष न्यायालय गठित किये जाएंगे। इन न्यायालयों के लिए विभिन्न कोटि के 432 पदों का सृजन किया जाएगा। कैबिनेट की बैठक में इस पर मंजूरी दी गई है। साथ ही राज्य के न्यायालयों में बिहार मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम 2016 के मामलों के शीघ्र निष्पादन के लिए आठ अतिरिक्त विशेष न्यायालय स्थापित किये जाएंगे। इन आठ न्यायालयों के लिए भी विभिन्न कोटि के 72 पदों के सृजन की स्वीकृति कैबिनेट ने दी है।
शहरों में भी अब सतत जीविकोपार्जन योजना का लाभ
लगातार मिल रही शिकायतों के बाद आंगनबड़ी सेविका और सहायिका के चयन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। सेविका के लिए न्यूनतम योग्यता इंटर या समकक्ष व आंगनबाड़ी सहायिका के लिए मैट्रिक होगा। पहले यह क्रमश मैट्रिक और 8वीं पास था। सीएम नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में इसकी स्वीकृति दी गई।
कैबिनेट के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ ने बताया कि नियुक्ति के लिए जिला स्तर पर ऑनलाइन आवेदन लिये जाएंगे। इसके पहले विज्ञापन जारी होगा। आवेदनों की जांच संबंधित जिले के उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में गठित कमेटी करेगी और मेधा सूची बनाएगी। सर्वोच्च डिग्रीधारी अभ्यर्थियों को पहले मौका दिया जाएगा। अगर दो अभ्यर्थियों की शैक्षणिक योग्यता समान होगी तो मेधाअंकों के आधार पर चयन होगा। आपत्ति दर्ज कराने के लिए समय दिया जाएगा। आपत्तियां दूर करने के बाद फाइनल सूची बनेगी। फाइनल सूची के आधार पर आमसभा की बैठक में चयनित को नियुक्त किया जाएगा। डीएम और फिर आयुक्त के पास अपील का भी प्रावधान होगा। इसके लिए सेविका-सहायिका चयन मार्गदर्शिका-2022 की मंजूरी दी गई है। सेविका व सहायिका के लिए उसी वार्ड का होना अनिवार्य होगा।
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