Bihar

ताड़ी-शराब बेचने वालों को एक लाख रूपये देगी राज्य सरकार, नीतीश कैबिनेट की बैठक में कुल 31 एजेंडों पर लगी मुहर

मुख्य सचिवालय में सीएम नीतीश कुमार की अध्यक्षता में चल रही कैबिनेट की बैठक खत्म हो गई है। बैठक में कुल 31 एजेंडों पर कैबिनेट की मुहर लगी है। नीतीश कैबिनेट की आज हुई बैठक में कई महत्वपूर्ण एजेंडों पर कैबिनेट की मुहर लगी है।

सरकार ने कहा है कि सतत जीविकोपार्जन योजना के तहत वैसे परिवारों को एक लाख रूपये की मदद दी जायेगी जो देशी शराब या ताड़ी के उत्पादन और बिक्री में लगे हैं. राज्य सरकार शराब, ताडी के उत्पादन औऱ बिक्री में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से जुड़े अत्यंत निर्धन और अनुसूचित जाति, जनजाति परिवारों को एक लाख रूपये देगी. सरकार का कहना है कि इस पैसे से शराब-ताड़ी के पेशे में लगे लोग अपने लिए नया रोजगार खड़ा कर पायेंगे. ग्रामीण विकास विभाग स्वयं सहायता समूह के जरिये ये मदद देगा.

नीतीश कैबिनेट ने बिहार पुरातत्व एवं संग्रहालय सेवा नियामावली 2022 के गठन को स्वीकृति दे दी है। वहीं जल संसाधन विभाग के सहायक अभियंता प्रेम प्रकाश को सरकार के आदेश का उल्लंघन करने के आरोप में सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।

शराब से जुड़े मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए सरकार ने 8 अतिरिक्त विशेष कोर्ट स्थापित करने के लिए विभिन्न कोटि के 72 पदों के सृजन को स्वीकृति दी है। वहीं पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज मामलों के निष्पादन के लिए गठित किए जाने वाले 54 विशेष अदालतों के लिए विभिन्न कोटि के कुल 432 पदों के सृजन को स्वीकृति दी गई है। जबकि सरकार ने खगड़िया में तैनात वाणिज्य कर विभाग के तत्कालीन उपायुक्त शशिकांत चतुर्वेदी को रिश्वत लेने के आरोप में सेवा से बर्खास्त किया है।

कैबिनेट ने राज्य के सभी पैक्सों को कंप्युटरीकृत करे के लिए केंद्रांश के रूप में 149 करोड़ 40 लाख रुपए और राज्यांश के रूप में 99 करोड़ 60 लाख रुपए यानी कुल 249 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी है। वहीं सरकार ने बिहार सरकारी सेवक नियमावली 2011 को निरसित करते हुए बिहार सरकारी सेवक नियामावली 2022 के गठन को मंजूरी दी है।

नीतीश कैबिनेट ने शराबी डॉक्टर पर कार्रवाई करते हुए पटना प्रमंडल के तत्काली क्षेत्रीय अपर निदेशक डॉ जनार्दन प्रसाद सुकुमार को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। डॉ जनार्दन प्रसाद सुकुमार को एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान शराब के नशे में एक महिला के साथ कमरे में पकड़ा गया था। वहीं बिना अनुमति के लंबे समय से अनुपस्थित रहने पर औरंगाबाद के रेफरल अस्पताल, हसपुरा के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. वीरेंद्र कुमार को सेवा से बर्खात किया गया है।

वहीं बिना किसी अनुमति के लगातार अनुपस्थित रहने पर सरकार ने औरंगाबाद सदर अस्पताल के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ.मृत्युंजय कुमार को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। कैबिनेट ने बिहार अनुसूचित जाति-जनजाति शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना के लिए विभिन्न कोटि के 24 पदों के सृजन को स्वीकृति दी है।

Avinash Roy

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