Bihar

तेल नहीं, इस बार पानी से जलने वाला दीया आया है मार्केट में, वॉटर सेंसर दीया की बढ़ रही है मांग

दिवाली के लिए बाजार पूरी तरह सज गया है। बाजार में मिट्टी के दीयों से लेकर इलेक्‍ट्रानिक झालरों की खूब बिक्री हो रही है। इस बीच बाजार में एक नए किस्‍म की डिमांड हो रही है। यह आइटम है, पानी वाला दीया। इसे जलाने के लिए तेल बत्‍ती की बजाय पानी की जरूरत होती है।

पानी निकालते ही बुझ जाता है दीया 

पानी वाला दीया जलाने के लिए न माचिस की तिल्ली का उपयोग करना है और न ही तेल बत्ती का। जादुई दीया में पानी डालते ही खुद जल उठता है। रोशनी का पर्व दीपावली को लेकर सजे सजावटी वस्तुओं के बाजार में ऐसा ही दीया बिक रहा है। जिसमें पानी डालते ही खुद जल उठता है। पानी निकालने के बाद बुझ जाता है।

नया आइटम होने से मांग

पटना के थोक मंडी मच्छरहट्टा में इस दीया के कारोबार कर रहे सैयद नैय्यर इकबाल बताते हैं कि दिल्ली से यह दीया पटना पहुंचा है। नया आइटम होने की वजह से इसकी मांग बाजार में अधिक हो गयी है। प्लास्टिक से बने दीये में पानी का उपयोग कर जलाया जाता है।

एक पैकेट में दर्जनभर दीया 300 रुपए में

थोक कारोबारी के अनुसार यह दीया प्रति 12 पीस अर्थात एक दर्जन के पैकेट में उपलब्ध है। यह 300 रुपये प्रति पैकेट की दर बिक रहा है। एक दीया की कीमत 25 रुपये है। कारोबारी के अनुसार पटना में लगभग सवा लाख पैकेट जादुई दीया बिक्री के लिए लाया गया है। पटना के खुदरा बाजार की कुछ दुकानों पर भी यह दीया उपलब्ध है।

बैटरी और सेंसर पर चलता काम

दरअसल, यह दीया पानी से नहीं, बल्‍क‍ि बैटरी से जलता है। इसमें सेंसर लगा है, जो पानी के संपर्क में आने पर एक्‍ट‍िव हो जाता है। इस तरह से देखें तो यह दीया सस्‍ता तो नहीं है, लेकिन अनोखा जरूर है।

तेल महंगा होने से बढ़ी इलेक्ट्रिक दीये की मांग 

इस वर्ष दीपावली में दीया बनाने वाले कुम्हार की अजीविका पर सीधा प्रभाव सरसों तथा तिल का तेल महंगा होने से पड़ रहा है। वहीं बाजार में इलेक्ट्रिक दीया की तरफ आम मध्यम वर्गीय लोगों का रूझान बढ़ रहा है। इलेक्ट्रिक दीये सस्ते होने के साथ तेल की झंझट से छुटकारा दिला रहा है। लेकिन चाइनिज दीया से दीपावली के पर्व पर पारंपरिक तरीके से मिट्टी के दीया प्रज्जवलित करने की परंपरा को धूमिल होता जा रहा है।

50 रुपए में मिल रहा इलेक्‍ट्रि‍क दीया 

एक इलेक्ट्रिक दुकानदार ने बताया कि दीये में जलाए जाने वाले सरसों तथा तिल के तेल महंगा होने के कारण झालर से ज्यादा बिक्री इलेक्ट्रिक दीये की है। मात्र 50 रुपए में साढ़े पांच फीट प्लास्टिक की फट्टी में फिक्स किए गए 25 इलेक्ट्रिक दिये से लोग अपने मकान को रोशन कर सकते हैं।

तेल की बाजार में ये है कीमत 

बाजार में सरसों की तेल मिल में 190 रुपए प्रति किलोग्राम, ब्रांडेड सरसों का तेल 160 रुपए लीटर तथा तिल का पैक तेल 190 रुपए लीटर बिक रहा है। इसी कारण लोग अपने घर में चाइनिज दीये जलाने के प्रति ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं।

Avinash Roy

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