पटना, दानापुर, फुलवारीशरीफ, मुजफ्फरपुर, गया, दरभंगा और भागलपुर में एक सितंबर से शत प्रतिशत माडल डीड से निबंधन का आदेश जारी किया गया था, जिसे अब वापस ले लिया गया है। इस आदेश को मद्य निषेध, उत्पाद और निबंधन विभाग ने तत्काल वापस ले लिया है। अब आज यानी गुरुवार से मॉडल डीड के साथ-साथ जनरल डीड के आधार पर भी अब जमीन का निबंधन होगा।
आपको बता दें, विभाग के निबंधन महानिरीक्षक बी कार्तिकेय धनजी ने 19 जुलाई को जारी अपने आदेश को वापस लेने के लिए लेटर लिखा है। इधर, कातिबों का तर्क है कि बगैर उनकी मदद के आम लोग जमीन का ब्योरा मॉडल डीड पर सही-सही दर्ज नहीं कर पाते हैं। उनका कहना है कि निबंधन विभाग ने कातिबों को जब लाइसेंस दे रखा है तो उन्हें जमीन निबंधन की प्रक्रिया से कैसे बाहर किया जा सकता है।
गौरतलब है कि राज्य में 16500 लाइसेंसी और करीब 42 हजार गैर लाइसेंसी डीड राइटर (कातिब) हैं। कातिब संघ का कहना है कि जो डीड वो तैयार करते हैं, उन पर लाइसेंस नंबर होता है। किसी तरह की गड़बड़ी होने पर उन्हें पकड़ा जा सकता है। मॉडल डीड में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है।
दरअसल, राजधानी पटना में आज से मॉडल डीड से रजिस्ट्री होनी थी। निबंधन विभाग के पूववर्ती आदेश के मुताबिक 1 सितंबर से पांच जिलों में शत प्रतिशत मॉडल डीड के आधार पर ही जमीन का निबंधन प्रभावी होना था। निबंधन विभाग के इस आदेश के खिलाफ में कातिब संघ ने पटना हाइकोर्ट में याचिका दाखिल रखा है।
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