बिहार में शराब की होम डिलिवरी पर नकेल कसने के लिए राज्य सरकार की ओर से पुरजोर कोशिश जारी है। शराब की होम डिलिवरी रोकने के लिए मद्य निषेध विभाग के निर्देश पर पटना के जिलाधिकारी डा.चंद्रशेखर सिंह ने पुलिस विभाग को 28 मोटरसाइकिल दी है। समाहरणालय परिसर से मोटरसाइकिलों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इसके पहले भी जिलाधिकारी ने पुलिस विभाग को 20 मोटरसाइकिलें दी थीं। शराब की होम डिलीवरी रोकने के लिए एंटी लिकर टास्क फोर्स का गठन किया गया है। इस तरह टास्क फोर्स को अब तक 48 मोटरसाइकिल दी जा चुकी हैं।
यह मोटरसाइकिल दस्ता पटना के शहरी क्षेत्रों दानापुर, पटना सिटी और पटना सदर के क्षेत्र में शराब की होम डिलिवरी करने वालों पर रोक लगाएगा। साथ ही पटना जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में यह बाइक दस्ता शराब निर्माण से जुडे़ कारोबारियों एवं शराब परिवहन/आवागमन में प्रतिनियुक्त हो रहे वाहनों पर कड़ी निगरानी रखेगा। शराब संबंधी सूचना मिलते ही यह धाबा दल तीव्र गति से संबंधित स्थल पर पहुंच सकेगा।
2016 से बिहार में है शराबबंदी:
आपको बता दें कि बिहार में 2016 से ही शराबबंदी कानून लागू है। लेकिन राज्य में शराब कभी बंद नहीं हुई। जहरीली शराब से मौत के मामले भी बढ़ने लगे। इसकी सफलता को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे। विपक्ष से लेकर सत्ता पार्टी के लोग और सुप्रीम कोर्ट तक ने इस कानून में कई कमियां निकालीं। जिसे बाद चौतरफा विरोध को देखते हुए बीते बुधवार को ही बिहार विधानसभा में संशोधन विधेयक 2022 के तहत शराबबंदी कानून में कुछ संशोधन किए गए।
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