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वर्षो से छोटे से आगंतुक कक्ष में चल रहा समस्तीपुर SC-ST थाना, आगंतुक कक्ष में थानाध्यक्ष का चेंबर

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समस्तीपुर : जिले में एससी-एसटी थाना करीब डेढ़ वर्षों से एक छोटे से 10×12 कमरे में संचालित हो रहा है। थाना के लिए प्रस्तावित नए भवन जी+3 का निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं हो सका है। भवन निर्माण के लिए स्वीकृत प्राकलित राशि तय होने के बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं होने से पुलिसकर्मियों के साथ-साथ थाने पहुंचने वाले फरियादियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान में थाना परिसर में बने आगंतुक कक्ष में ही एससी-एसटी थाना चलाया जा रहा है। इसी कक्ष में थानाध्यक्ष का चेंबर भी बना दिया गया है। वहीं, बगल के एक छोटे कमरे में सीसीटीएनएस का काम संचालित होता है। थाना के लिए अलग से पर्याप्त जगह नहीं होने के कारण जरूरी फाइलों और अभिलेखों को सुरक्षित रखने में भी परेशानी होती है।

बारिश और धूप में खुले में इंतजार करते हैं फरियादी :

थाने में आने वाले फरियादियों के लिए भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। तेज धूप या बारिश के दौरान एससी-एसटी थाना पहुंचने वाले लोगों को खुले आसमान के नीचे समय गुजारना पड़ता है। आगंतुकों के बैठने और प्रतीक्षा करने के लिए पर्याप्त जगह नहीं होने से उन्हें परेशानी होती है। थाने के पुलिसकर्मियों को भी सीमित जगह में काम करना पड़ रहा है। वर्तमान परिसर में हाजत की भी व्यवस्था नहीं है। ऐसे में किसी मामले में आरोपित की गिरफ्तारी होने पर उसे एससी-एसटी थाना में रखने के बजाय मुफ्फसिल थाना भेजना पड़ता है। इससे पुलिसकर्मियों को आरोपितों की सुरक्षा और आवाजाही के लिए अतिरिक्त व्यवस्था करनी पड़ती है।

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पुराना भवन तोड़कर हटाया, डेढ़ वर्ष बाद भी निर्माण शुरू नहीं :

मिली जानकारी के अनुसार, एससी-एसटी थाना के नए भवन का निर्माण काली मंदिर के पीछे जी+3 यानी चार मंजिला भवन के रूप में किया जाना है। प्रस्तावित भवन में एससी-एसटी थाना के साथ महिला थाना भी संचालित किया जाना है। नए भवन के निर्माण को लेकर पुराने एससी-एसटी थाना भवन को तोड़कर हटा दिया गया था। भवन के अवशेषों की नीलामी भी कर दी गई थी। इसके बाद उम्मीद थी कि जल्द ही नए भवन का निर्माण शुरू हो जाएगा, लेकिन करीब डेढ़ वर्ष बीतने के बाद भी निर्माण कार्य धरातल पर शुरू नहीं हो सका है। नए भवन के निर्माण के लिए 6 करोड़ 86 लाख 74 हजार 900 रुपये की स्वीकृत प्राकलित राशि करीब 10 महीने पहले ही आवंटित की जा चुकी है। इसके बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं होने से भवन निर्माण की प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। निर्माण कार्य की जिम्मेदारी बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम के पास है। पुलिसकर्मियों और फरियादियों को उम्मीद है कि प्रस्तावित भवन का निर्माण जल्द शुरू होगा, जिससे थाना को पर्याप्त जगह, हाजत, कार्यालय कक्ष और फरियादियों के लिए बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।

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एक ही परिसर में होगा एससी-एसटी व महिला थाना :

प्रस्तावित योजना के अनुसार महिला थाना और एससी-एसटी थाना को एक ही परिसर में संचालित किया जाएगा। इससे दोनों थानों के कार्यों में समन्वय बढ़ेगा और पीड़ितों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। फिलहाल जिले में महिला थाना और एससी-एसटी थाना के पास अपना अलग भवन नहीं है। वहीं दोनों थाने के पास अपना हाजत तक नहीं है। इसके कारण किसी मामले में अभियुक्त को पकड़ने के बाद उसे मुफ्फसिल थाना के हाजत में बंद करना पड़ता है।

बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम से मिली जानकारी के अनुसार प्रस्तावित भवन का निर्माण जी+ 3 स्ट्रक्चर में किया जाएगा। यानी भूतल के साथ तीन मंजिला आधुनिक भवन होगा, जिसमें थाना कार्यालय, पूछताछ कक्ष, महिला एवं पीड़ित-अनुकूल काउंसलिंग रूम, अभिलेखागार, अधिकारियों के कक्ष समेत अन्य आवश्यक सुविधाएं शामिल होंगी। भवन को आधुनिक मानकों के अनुरूप तैयार किया जाएगा ताकि पुलिसकर्मियों के साथ-साथ फरियादियों को भी सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल मिल सके। भवन में एक तरफ महिला थाना तो दूसरी तरफ एससी-एसटी थाना का कार्य संचालित होगा। भवन के सामने सुंदर और सुव्यवस्थित बगीचे का भी निर्माण प्रस्तावित है, जिससे परिसर का वातावरण सौहार्दपूर्ण और सकारात्मक बने। खासकर महिला फरियादियों और पीड़ितों के लिए यह वातावरण मानसिक रूप से राहत देने वाला साबित होगा।

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बयान :

मुख्यालय स्तर से टेंडर को लेकर कुछ कागजी प्रक्रिया अटकी हुई है। बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम के द्वारा इसका निर्माण कराया जाना है। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।

अरविंद प्रताप सिंह, एसपी, समस्तीपुर

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