बिहार में MLC को कितनी मिलती है सैलेरी? जानिए पावर, अधिकार और सुविधाएं

बिहार में एमएलसी चुनाव को लेकर 23 अक्टूबर को वोट डाले जायेंगे. इसके बाद 27 अक्टूबर को वोटों की गिनती की जाएगी. इस तरह से चुनाव प्रक्रिया 31 अक्टूबर तक पूरे हो जायेंगे. विधान परिषद के सदस्य को विधान पार्षद (MLC) कहा जाता है. बिहार में एक एमएलसी का सैलेरी पैकेज, पावर और उन्हें क्या-क्या सुविधाएं मिलतीं हैं, इसके बारे में जानेंगे.
कितना होता है सैलेरी पैकेज?
विधान पार्षद के सैलेरी की बात करें तो, पूरा पैकेज 1.60 लाख का होता है. बेसिक सैलेरी 50 हजार रुपये हर महीने मिलते हैं. क्षेत्रीय भत्ता (Constituency Allowance) 55 हजार रुपये, स्टेशनरी खर्च 15 हजार रुपये प्रति महीने, निजी सहायक यानी PA भत्ता 40 हजार रुपये और फोन भत्ता 8 हजार 300 रुपये मिलते हैं. इसके अलावा एमएलसी को दैनिक भत्ता भी दिया जाता है. पटना में 3000 और राज्य से बाहर 3500 रुपये हर रोज के हिसाब से मिलता है.

एमएलसी के पावर और अधिकार क्या होते हैं?
जानकारी के मुताबिक, विधान पार्षद सभी तरह के बिल (वित्तीय विधेयक को छोड़कर) सदन में पेश कर सकते हैं. विधान परिषद में राज्य सरकार के वार्षिक बजट पर चर्चा होती है. लेकिन वित्तीय विधेयक के मामले में अंतिम रूप से फैसला विधानसभा में ही लिया जा सकता है. विधान पार्षद सरकारी योजनाओं या फिर प्रशासनिक मामलों में सदन में सवाल पूछ सकते हैं. साथ ही ध्यानाकर्षण प्रस्ताव ला सकते हैं. एमएलसी के क्षेत्र में विकास से जुड़े काम के लिए हर साल निधि उपलब्ध कराई जाती है. इसके साथ ही एमएलसी बिहार सरकार में कैबिनेट या फिर राज्य मंत्री पद की शपथ भी ले सकता है.

एमएलसी को मिलने वाली अन्य सुविधाएं
बिहार में विधान पार्षद को कई अन्य सुविधाएं भी मिलतीं हैं. एमएलसी को उनका आवास दिया जाता है. साथ ही उन्हें 2 हजार यूनिट तक बिजली फ्री में मिलती है. एमएलसी के साथ उनके परिवार के लोगों के लिए मुफ्त इलाज की सुविधा मिलती है. हर साल 4 लाख रुपये तक का कूपन रेल या फिर हवाई यात्रा के लिए मिलता है. इसके अलावा अगर नई गाड़ी खरीदने हो तो 25 लाख रुपये तक का लोन रियायती ब्याज दर पर मिलता है. इसके बाद एमएलसी का कार्यकाल खत्म हो जाने के बाद 45 हजार रुपये तक पेंशन और स्वास्थ्य सुविधा भी मिलती है.


