दुर्गा पूजा में सुरक्षा को लेकर 24 घंटे अलर्ट मोड में रहेगी समस्तीपुर पुलिस, DIG ने बैठक में दिये कई निर्देश
फाइल फोटो (DIG मिथिलेश तिवारी)

समस्तीपुर : दुर्गा पूजा, विजयादशमी और अन्य त्योहारों के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने को लेकर पुलिस प्रशासन अलर्ट हो गया है। बुधवार को मिथिला प्रक्षेत्र के डीआईजी (DIG) मनोज तिवारी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समस्तीपुर पुलिस पदाधिकारियों के साथ बैठक कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में एसपी, सभी एसडीपीओ, सभी डीएसपी व थानाध्यक्ष जुड़े रहे। उन्होंने पूजा के दौरान भीड़ प्रबंधन, महिलाओं की सुरक्षा, असामाजिक तत्वों पर नियंत्रण और पूजा पंडालों में सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराने पर विशेष जोर दिया।

डीआईजी के निर्देश पर एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने अभया ब्रिगेड, पुलिस दीदी और बाइक क्यूआरटी की टीमों को विशेष गश्ती करने का निर्देश दिया है। ये टीमें अलग-अलग शिफ्ट में शहर के प्रमुख चौक-चौराहों, पूजा पंडालों, बाजारों, मेला स्थलों, विसर्जन मार्गों और संवेदनशील इलाकों में निगरानी रखेंगी। पुलिस की सक्रियता बढ़ाकर असामाजिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने की तैयारी की गई है।

महिलाओं की सुरक्षा और अश्लील गानों पर रहेगी नजर :
पूजा पंडालों और मेले में महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा पुलिस की प्राथमिकता रहेगी। भीड़भाड़ वाले इलाकों में छेड़छाड़, अशोभनीय व्यवहार और अन्य असामाजिक गतिविधियों में शामिल लोगों पर विशेष नजर रखी जाएगी। सार्वजनिक स्थानों पर अश्लील गाने बजाने तथा त्योहार के माहौल को बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। शिकायत मिलने पर संबंधित पुलिस टीम को तत्काल मौके पर पहुंचकर आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया गया है।

मेले में सूखा नशा के कारोबार पर भी नजर :
त्योहार के दौरान मेला और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में नशे के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने को लेकर भी निगरानी बढ़ाने पर जोर दिया गया है। विशेष रूप से सूखा नशा बेचने वालों और संदिग्ध गतिविधियों में शामिल लोगों पर नजर रखी जाएगी। पुलिस टीमों को संवेदनशील स्थानों पर सतर्क रहने और सूचना मिलने पर त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।

पूजा पंडालों में सुरक्षा मानकों का पालन जरूरी :
डीआईजी की बैठक में पूजा पंडालों में अगलगी की घटनाओं से बचाव और श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। पंडालों में बालू और पानी जैसी अग्निशमन की बुनियादी व्यवस्था रखने तथा बिजली के लिए अलग अस्थायी कनेक्शन लेने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। बिजली के तारों और अन्य उपकरणों की सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित करने की जरूरत बताई गई, ताकि शॉर्ट सर्किट या अन्य कारणों से हादसे की आशंका कम हो। इसके अलावा भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पूजा पंडालों में प्रवेश और निकास के अलग-अलग रास्ते रखने पर जोर दिया गया। इससे श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारु रहेगी और आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद मिलेगी।

डायल-112 से मिलेगी तत्काल सहायता :
महिलाओं की सुरक्षा और आपात स्थिति से निपटने के लिए पुलिस दीदी के वाहनों को पूजा पंडालों से जोड़कर गश्ती प्रभावी बनाने की योजना है। अभया ब्रिगेड और बाइक क्यूआरटी की टीमें भी संवेदनशील इलाकों में लगातार सक्रिय रहेंगी। श्रद्धालुओं को डायल-112 के माध्यम से पुलिस सहायता लेने के प्रति जागरूक करने का निर्देश दिया गया है। इसके लिए संबंधित थानाध्यक्षों, पुलिस दीदी और डायल-112 की टीमों के बीच समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया गया है।पुलिस प्रशासन का उद्देश्य दुर्गा पूजा, विजयादशमी और अन्य त्योहारों को शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित माहौल में संपन्न कराना है। इसके लिए पुलिस गश्ती के साथ-साथ पूजा समितियों को भी सुरक्षा मानकों का पालन करने और भीड़ प्रबंधन की समुचित व्यवस्था रखने के प्रति जागरूक किया जाएगा।

बयान :
दुर्गा पूजा और अन्य त्योहारों को शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित माहौल में संपन्न कराने के लिए पुलिस पूरी तरह अलर्ट है। अभया ब्रिगेड, पुलिस दीदी और बाइक क्यूआरटी की टीमें 24 घंटे गश्ती करेंगी। महिलाओं से छेड़छाड़, अश्लील गाने बजाने और असामाजिक गतिविधियों में शामिल लोगों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। किसी भी तरह की गड़बड़ी की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। श्रद्धालुओं से अपील है कि किसी भी आपात स्थिति में डायल-112 पर सूचना दें।
सतीश सुमन, सदर एसडीपीओ-1, समस्तीपुर


