प्रशस्त ऐप पर शिक्षकों का शत-प्रतिशत पंजीकरण का आदेश, रफ्तार चल रही सुस्त

समस्तीपुर : सरकारी एवं निजी स्कूलों के शिक्षकों का प्रशस्त ऐप 2.0 पर पंजीकरण कराने की रफ्तार जिले में काफी धीमी है। राज्य स्तर पर जारी समीक्षा में 50 प्रतिशत से कम शिक्षकों के लॉगिन वाले जिलों की प्रगति को असंतोषजनक बताया गया है। ऐसे सभी जिलों को अब दो दिनों के अंदर सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयों के शिक्षकों का प्रशस्त ऐप 2.0 पर शत-प्रतिशत पंजीकरण कराने का निर्देश दिया गया है।
विभाग की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि पूर्व में कार्यालय पत्रांक 3143, दिनांक 04 जून 2018 के माध्यम से सभी जिलों को इस संबंध में आवश्यक निर्देश दिए गए थे। इसके तहत जिलावार विद्यालयों के शिक्षकों द्वारा प्रशस्त ऐप 2.0 पर पंजीकरण कराया जा रहा है। राज्य स्तर पर इसकी प्रगति की लगातार समीक्षा की जा रही है। जारी समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार शिवहर, कटिहार, भोजपुर, गया, सारण एवं मुजफ्फरपुर जिलों में 50 प्रतिशत से अधिक शिक्षकों ने प्रशस्त ऐप 2.0 पर लॉगिन किया है। वहीं शेष जिलों में पंजीकरण की प्रगति काफी असंतोषजनक पाई गई है। इसी को देखते हुए 50 प्रतिशत से कम प्रगति वाले जिलों को अभियान चलाकर पंजीकरण पूरा कराने का निर्देश दिया गया है।


भारत सरकार हर सप्ताह कर रही समीक्षा प्रशस्त ऐप 2.0 पर शिक्षकों के पंजीकरण की प्रगति की भारत सरकार स्तर से प्रत्येक सप्ताह समीक्षा की जा रही है। ऐसे में जिलों में पंजीकरण की धीमी गति को लेकर शिक्षा विभाग ने गंभीरता दिखाई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी सरकारी और निजी विद्यालयों के शिक्षकों का पंजीकरण निर्धारित समय सीमा में पूरा कराया जाए। निर्देश के अनुसार संबंधित अधिकारी विद्यालयवार पंजीकरण की स्थिति की निगरानी करेंगे और जिन शिक्षकों का अभी तक पंजीकरण नहीं हुआ है, उनका तत्काल पंजीकरण कराएंगे। विभाग का उद्देश्य प्रशस्त ऐप 2.0 से संबंधित प्रक्रिया में जिले के सभी शिक्षकों की शत-प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करना है।





